
उदित वाणी , जमशेदपुर: साकची स्थित यूनियन कार्यालय में टाटा पावर मजदूर यूनियन की एक अहम बैठक आयोजित की गई. यूनियन के उपाध्यक्ष अम्बुज कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मजदूरों ने प्रबंधन के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है. मजदूरों का आरोप है कि लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है.
20 लाख का बकाया और डबल ओटी (OT) का मुद्दा
बैठक में यह तथ्य सामने आया कि टाटा पावर में कार्यरत ताज टेक्नो कंपनी द्वारा मजदूरों का लगभग 20 लाख रुपये का ओवरटाइम और अंतिम सेटलमेंट (पावना) अभी तक लंबित है.
ESP विभाग का हाल: इस विभाग में कार्यरत करीब 100 ठेका मजदूरों को भुगतान नहीं मिलने से उनमें गहरा रोष है.
आर. के इरेक्टर्स की मनमानी: आरोप है कि पिछले 3 वर्षों से मजदूरों को निर्धारित दुगनी दर से ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया गया है. इसके बावजूद वर्तमान में भी उनसे ओवरटाइम कार्य कराया जा रहा है.
फायर विभाग: टाटा पावर के फायर विभाग के मजदूरों ने भी इसी प्रकार के शोषण और अन्याय की शिकायत की है.
प्रबंधन की चुप्पी और हड़ताल का अल्टीमेटम
यूनियन ने बताया कि मजदूरों से संबंधित मांग पत्र 15 दिसंबर 2025 को ही उप श्रमायुक्त को सौंपा गया था. इसके बावजूद टाटा पावर प्रबंधन और ठेका प्रबंधन ने अब तक इस पर कोई जवाब नहीं दिया है.
“मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो CHP, ESP और मेंटेनेंस विभाग के मजदूर किसी भी समय हड़ताल पर जा सकते हैं. इसकी पूरी जिम्मेदारी टाटा पावर प्रबंधन की होगी.”
पवन कुमार की बहाली और मई दिवस की तैयारी
बैठक में एक और गंभीर मुद्दा उठाया गया. मजदूरों की मांगों के लिए ज्ञापन देने वाले पवन कुमार को अब तक कार्य पर वापस नहीं रखा गया है. यूनियन ने इसे प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई बताया और पवन कुमार की तत्काल बहाली की मांग की. इसके अतिरिक्त, बैठक में आगामी मई दिवस (Labour Day) को धूमधाम से मनाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया.

