
उदित वाणी,पाकुड़: पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड के एक गांव में मंगलवार को एक दुर्लभ वन्यजीव स्मॉल इंडियन सिवेट (कबर/कस्तूरी बिल्ली) के देखे जाने से इलाके में हड़कंप मच गया. आमतौर पर जंगलों में रहने वाला यह निशाचर जीव देर तक गांव की गलियों में घूमता रहा, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई. इस अनोखे जीव की मौजूदगी से लोगों में भय का माहौल बन गया. एहतियात के तौर पर बच्चों को घरों के अंदर रहने की हिदायत दी गई. कई ग्रामीणों ने इस दौरान मोबाइल से फोटो और वीडियो भी बनाए, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं.
जानकारों के अनुसार, जंगलों में कटाव, भोजन की कमी या पर्यावरणीय बदलाव के कारण ऐसे वन्यजीव कभी-कभी रिहायशी क्षेत्रों की ओर भटक आते हैं. हालांकि स्मॉल इंडियन सिवेट आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करता, फिर भी इससे दूरी बनाए रखना जरूरी है.
ग्रामीणों ने वन विभाग से इस जीव को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने की मांग की है. फिलहाल गांव में इस दुर्लभ मेहमान को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता और डर दोनों का माहौल बना हुआ है.
स्मॉल इंडियन सिवेट क्या है?
स्मॉल इंडियन सिवेट, जिसे आम बोलचाल में कबर या कस्तूरी बिल्ली कहा जाता है, एक छोटा मांसाहारी निशाचर वन्यजीव है जो मुख्य रूप से जंगलों, झाड़ियों और घने वन क्षेत्रों में पाया जाता है. इसका शरीर बिल्ली जैसा लेकिन लंबा होता है और इसकी पूंछ पर धारियां होती हैं. यह जीव चूहे, कीड़े-मकोड़े, छोटे पक्षी और फल आदि खाकर जीवित रहता है.
यह आमतौर पर इंसानों से दूर रहना पसंद करता है और रात के समय ही सक्रिय होता है. पर्यावरणीय असंतुलन, जंगलों की कटाई या भोजन की कमी के कारण कभी-कभी यह रिहायशी इलाकों में दिखाई दे जाता है.
झारखंड में भी इसकी उपस्थिति विभिन्न वन क्षेत्रों में दर्ज की गई है, खासकर संथाल परगना, सिंहभूम और पलामू क्षेत्र के जंगलों में यह कभी-कभी देखा जाता है. हालांकि यह बहुत कम नजर आने वाला जीव है, इसलिए इसके दिखने की घटनाएं लोगों के लिए कौतूहल और चर्चा का विषय बन जाती हैं.

