
उदितवाणी,जमशेदपुर: शहर के निजी स्कूलों में फीस को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है. अभिभावकों ने स्कूलों पर 200 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि एक बार में ही कर देने का आरोप लगाया है.
बुधवार को इस मामले को लेकर अभिभावक उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और कथित मनमानी फीस वृद्धि पर लगाम लगाने की मांग की. अभिभावकों ने जमशेपुर अभिभावक संघ के बैनर तले उपायुक्त कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया. इस दौरान स्कूलों पर मनमाने तरीके से पीस वृद्धि किए जाने का आरोप लगाया़.
साथ ही इस पर अंकुश लगाने के लिए उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा गया संघ ने कहा है कि शहर के स्कूल प्रबंधनों द्वारा झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 की अवमानना कर 205 प्रतिशत तक फीस में की गई है, जबकि झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 प्रावधान गए हैं किके मुताबिक फीस में पिछले वर्ष कि तुलना में 10 प्रतिशत तक सहमति से फीस वृद्धि करने का अधिकार होगा.
10 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि के मामले को जिला समिति को अनुमोदन के लिए भेजना होगा. जिला समिति के अध्यक्ष जिला उपायुक्त होंगे.
संघ के अध्यक्ष डॉ उमेश कुमार ने कहा है कि शहर के निजी स्कूलों के प्रबंधनो ने पिछले सत्र 2022-23 की अपेक्षा इस नए सत्र में 2023-24 में 10 प्रतिशत से ज्यादा और 205 प्रतिशत बिना जिला समिति के सहमति के स्कूल फीस में वृद्धि कर दी है. जमशेदपुर अभिभावक संघ उपायुक्त से मांग की है कि जिला समिति की सहमति बगैर बढ़ाई गई फीस को वापस लिया जाए और जब तक सहमति नहीं मिलती है तब तक उन स्कूलों को पिछले सत्र में ली जाने वाली फीस को ही लेने की आदेश दिया जाए.
अभिभावक संघ ने फीस वृद्धि की सूची डीसी को सौंपी
स्कूल वृद्धि (प्रतिशत में)
डीबीएमएस हाई स्कूल कदमा 11.6%
डीबीएमएस इंग्लिश स्कूल, बी एच एरिया 14.4%
केपीएस कदमा 21%
जेएच तारापुर स्कूल, धातकीडीह 24.8%
तारापुर स्कूल एग्रीको 25%
केरला समाजम मॉडल स्कूल गोलमुरी 44%
बेल्डीह चर्च स्कूल बिस्टुपुर 100%
नरवेराम हंसराज स्कूल बिस्टुपुर 205%

