उदित वाणी जमशेदपुर : सोनारी थाना क्षेत्र स्थित नॉर्थ लेआउट में मंगलवार देर रात एक मिनी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। हैरानी की बात यह रही कि यह अवैध फैक्ट्री आयकर विभाग के एक पूर्व आला अधिकारी के आवास में संचालित हो रही थी। सोनारी पुलिस ने मौके से दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पूरे मामले की तफ्तीश जारी है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई तब संभव हो सकी जब सोमवार देर रात पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर एक युवक को पकड़ा गया। वह युवक नॉर्थ लेआउट क्षेत्र में एक अन्य मकान में चोरी के इरादे से घुसा था। स्थानीय लोगों ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ के दौरान उस युवक ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह चोरी की नीयत से नहीं, बल्कि नशे की हालत में गलती से घर में घुस गया था। आगे की बातचीत में उसने यह भी स्वीकार किया कि वह पास ही के एक मकान में काम करता है, जहां अवैध शराब फैक्ट्री संचालित हो रही है।
इस सूचना पर सोनारी पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए उक्त मकान पर छापेमारी की। जांच के दौरान वहां नकली शराब बनाने की फैक्ट्री पाई गई, जिसमें बॉटलिंग की व्यवस्था, शराब मिश्रण की मशीनें, बड़ी मात्रा में नकली लेबल और ब्रांडेड शराब की बोतलों के रेप्लिका, कैप, खाली बोतलें, और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई।
सोनारी थाना प्रभारी के नेतृत्व में छापेमारी टीम ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। दोनों वहीं फैक्ट्री में कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे थे। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है ताकि इस नेटवर्क में शामिल मुख्य सरगना और वितरक चैनल का पता लगाया जा सके।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उक्त मकान एक सेवानिवृत्त आयकर विभाग के अधिकारी का है। हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है कि मकान मालिक स्वयं इस गतिविधि में शामिल हैं या नहीं। पुलिस अभी इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या मकान मालिक ने संपत्ति किराये पर दी थी अथवा किसी परिचित को उपयोग हेतु सौंपी थी।
सोनारी पुलिस द्वारा जब्त सामान की सूची में निम्नलिखित प्रमुख चीजें शामिल हैं:
500 से अधिक खाली शराब की बोतलें
विभिन्न ब्रांड के नकली लेबल और होलोग्राम
शराब बनाने के लिए उपयोग होने वाला स्पिरिट व अन्य रसायन
शराब की बॉटलिंग मशीन
कैपिंग मशीन
पैकिंग सामग्री और बॉक्स
मोबाइल फोन और दस्तावेज
पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह मामला केवल नकली शराब बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संभावित कर चोरी और संगठित अपराध का एंगल भी सामने आ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि यहां तैयार की गई शराब शहर के विभिन्न हिस्सों में और बाहर के बाजारों में खपाई जाती थी।
स्थानीय निवासियों में नाराज़गी
नॉर्थ लेआउट क्षेत्र के निवासियों ने इस घटना पर गहरी नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि एक उच्च पदस्थ अधिकारी के मकान से इस तरह का गैरकानूनी धंधा सामने आना पूरे मोहल्ले के लिए शर्मनाक है। साथ ही, यह भी सवाल उठता है कि यदि पेट्रोलिंग के दौरान वह युवक पकड़ में नहीं आता तो यह धंधा कब तक यूं ही बेरोकटोक चलता रहता।
पुलिस की सख्त कार्रवाई के संकेत
हालांकि, पुलिस अभी इस मामले पर औपचारिक रूप से कुछ भी कहने से बच रही है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद दोनों कर्मचारियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कई अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की योजना है।
एसएसपी का बयान
इस संबंध में जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा, “यह एक गंभीर मामला है। प्रारंभिक जांच में अवैध शराब निर्माण की पुष्टि हुई है। हमने दो लोगों को गिरफ्तार किया है और सभी ऐंगल पर जांच की जा रही है। इस तरह के गैरकानूनी कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।”
आबकारी विभाग की भी एंट्री संभावित
सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले में अब आबकारी विभाग की टीम को भी शामिल किया जा सकता है। यह देखा जा रहा है कि मौके से जब्त सामग्री राज्य के आबकारी कानूनों का उल्लंघन करती है या नहीं। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क के अन्य हिस्सों को भी बेनकाब किया जाएगा।


