
ऑटो कंपोनेंट्स व इंजीनियरिंग गुड्स के निर्यात को जमशेदपुर चयनित
उदित वाणी, जमशेदपुरः शुक्रवार को जिला समाहरणालय में स्टेक होल्डर कंसल्टेशन मीट का आयोजन किया गया. भारत सरकार के द्वारा पूरे देश में एक्सपोर्ट हब बनाने के लिए 75 जिलों का चयन किया गया है जिसमें जमशेदपुर और रांची भी शामिल हैं. इसी संदर्भ में इस मीट का आयोजन किया गया.
जिसमें विदेश व्यापार महानिदेशालय कोलकाता के उप निदेशक आनंद मोहन मिश्रा, डीडीसी प्रदीप प्रसाद, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, चाईबासा शम्भू शरण बैठा, सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, जमशेदपुर के सदस्य, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स लिमिटेड, टिमकेन इंडिया प्रा0 लि0, टाटा ब्लूस्कोप, टाटा इंटरनेशनल डी0एल0 टी0, खेतान इंटरप्राइजेज, एवं अन्य इकाइयों के प्रतिनिधि शामिल हुए.
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक द्वारा विश्वास व्यक्त किया गया कि एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित होने पर न सिर्फ ऑटो कॉम्पोनेन्ट क्षेत्र को, बल्कि खाद्य-प्रसंस्करण, प्लास्टिक, हैंडीक्राफ्ट आदि अन्य क्षत्रों की इकाइयों को भी निर्यात हेतु प्रोत्साहन मिलेगा, उप-निदेशक आनंद मोहन मिश्रा द्वारा जानकारी दी गयी कि झारखंड में सर्वप्रथम पूर्वी सिंहभूम जिले द्वारा डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट प्लान को अनुमोदित कराया गया है जिले में ऐतिहासिक रूप से टाटा स्टील एवं अनुषंगी इकाइयों का जिले के सुदृढ़ औद्योगिक वातावरण के निर्माण में महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है.
सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव मानव केडिया द्वारा बताया गया कि चैम्बर के अनेक सदस्य निर्यात के लिए इच्छुक हैं, जिसमे ऑटो कॉम्पोनेन्ट के साथ साथ अन्य क्षेत्र जैसे प्लास्टिक, खाद्य प्रसंकरण आदि से सम्बंधित इकाइयां भी हैं.
बैठक में उपस्थित अन्य उद्यमियों द्वारा निर्यात से सम्बंधित समस्याओं पर विस्तृत रूप से चर्चा की गयी, जिनमे इनलैंड कंटेनर डिपो का अभाव, कस्टम विभाग के दो दिनों के साप्ताहिक अवकाश के कारण होने वाली समस्या, आकांक्षी निर्यातकों के पास आयातकों से सम्बंधित आंकड़ों का अभाव आदि प्रमुख थे.

