
उदित वाणी जमशेदपुर: पोटका के मुक्तेश्वर धाम हरिणा में रोजो संक्रांति के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला कोल्हान का सबसे बड़ा धार्मिक मेला 15 जून से शुरू हो रहा है। पांच दिनों तक चलने वाले इस मेले में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन से चार दिन पहले, बुधवार को पोटका के विधायक संजीव सरदार ने प्रशासनिक अधिकारियों और मेला समिति के सदस्यों के साथ मंदिर परिसर का निरीक्षण किया।
प्रबंधन और सुरक्षा की विस्तृत समीक्षा
विधायक संजीव सरदार ने मेला संचालन, विधि-व्यवस्था (Law and Order), ट्रैफिक नियंत्रण, पेयजल, स्वास्थ्य, बिजली और स्वच्छता की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हरिणा मेला झारखंड, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के लोगों की आस्था का केंद्र है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा हरिणा
विधायक ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार हरिणा को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए करोड़ों रुपये का निवेश कर रही है। सरकार की प्राथमिकता हरिणा मेला को ‘राजकीय मेला’ का दर्जा दिलाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हुड़दंगियों पर रहेगी पुलिस की पैनी नजर
मुसाबनी डीएसपी (DSP) रोहित कुमार राजवार ने स्पष्ट किया कि मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मेले के दौरान पूर्ण शराबबंदी लागू रहेगी। साथ ही, बाइक स्टंट, रैश ड्राइविंग और हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी।
निरीक्षण में शामिल प्रमुख अधिकारी
इस दौरान अंचलाधिकारी निकिता बाला, डीएसपी रोहित कुमार राजवार, आबकारी विभाग के अधिकारी, कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव, मेला समिति के पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

