
उदित वाणी, जमशेदपुर: केरला समाजम के प्रतिष्ठित चेयरमैन और शिक्षाविद् केपीजी नायर (चेट्टन) के निधन से पूरे शहर में शोक की लहर है। 17 मार्च को टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया था। शुक्रवार को उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए केरला समाजम मॉडल स्कूल (KSMS) परिसर में रखा गया, जहाँ समाज के हर वर्ग, धर्म और संगठन के लोगों ने उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
पार्वती घाट पर संपन्न हुआ अंतिम संस्कार
केपीजी नायर की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पर उनकी छोटी पुत्री ने परिवार की उपस्थिति में मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। इस दौरान माहौल अत्यंत गमगीन रहा।
संस्थान का सम्मान: KSMS की स्काउट्स एंड गाइड्स टीम ने अपने प्रिय चेयरमैन को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर सम्मानित किया, जो उनके प्रति संस्थान के गहरे सम्मान का प्रतीक था।
दिग्गजों की उपस्थिति: अंतिम संस्कार में केपीएस ग्रुप के शरत चंद्रन, ज्ञान तनेजा, टाटा स्टील के प्रतिनिधि, और प्रमुख यूनियन नेता रघुनाथ पांडे उपस्थित रहे।
शिक्षा जगत: केएसएमएस की डायरेक्टर नंदनी शुक्ला, प्रिंसिपल रीना बनर्जी, वाइस प्रिंसिपल अल अब्राहम सहित विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य और भारी संख्या में शिक्षक कर्मचारी मौजूद थे।
एलुमनाई एसोसिएशन: केएसएमएस एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष वी. मुरली मनोहर और कोषाध्यक्ष दीपक पुरी सहित लगभग 300 लोगों ने घाट पर उन्हें अंतिम विदाई दी।
समाज के बुद्धिजीवियों ने दी विदाई
स्वर्गीय केपीजी चेट्टन को विदाई देने के लिए शहर के मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवी और समाजसेवी बड़ी संख्या में पहुँचे। ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट के सेक्रेट्री मुख्तार आलम खान, केंद्रीय शांति समिति के सदस्य मोहम्मद मोइनुद्दीन अंसारी, बास्केटबॉल कोच आरिफ आफताब, आजादनगर थाना शांति समिति के सदस्य शाहिद परवेज, मोहम्मद वाहिद, मोहम्मद फहीम और मास्टर खुर्शीद अहमद खान सहित कई गणमान्य लोगों ने उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान और उनके मिलनसार व्यक्तित्व को सदैव प्रेरणास्रोत के रूप में याद रखा जाएगा।
एक युग का अंत, विरासत रहेगी अमर
मनीष चौधरी ने उन्हें याद करते हुए कहा, “वे केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक थे जिनकी दृष्टि ने हजारों जीवन संवारे हैं।” वहीं वरिष्ठ शिक्षकों ने कहा कि उनके द्वारा स्थापित मूल्य और विजन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।

