
उदित वाणी, रांची: हरियाणा के सूरजकुंड में 28 अक्टूबर से राज्यों के गृह मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक की समीक्षा में बड़ा दावा किया गया है कि झारखंड और बिहार नक्सलमुक्त हो चुके हैं. उधर झारखंड से इस शिविर में भाग लेने गए वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने इतना जरूर कहा कि बूढ़ापहाड़ नक्सली कब्जे से मुक्त हो चुका है, लेकिन साथ में विधि-व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए केंद्र सरकार से मदद मांगी और नक्सल के खिलाफ अभियान में तेजी लाने के लिए केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की एक बटालियन की मांग भी की.
इस बैठक के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को न्योता दिया गया था क्योंकि गृह मंत्रालय उन्हीं के पास है,लेकिन मुख्यमंत्री खुद इस बैठक में नहीं गए और डॉ. रामेश्वर उरांव को भेजा. इस तरह नक्सली समस्या पर केंद्र और राज्य के नजरिए में विरोधाभास सामने आ गया है.
बैठक में दोष सिद्धि दर बढ़ाकर 90 प्रतिशत करने के लिए जांच के दौरान फोरेंसिक विज्ञान के अधिक उपयोग की जरूरत पर जोर दिया गया. बैठक के समापन के बाद अधिकारियों ने कहा कि इस बैठक से यह निष्कर्ष निकला कि आंतरिक सुरक्षा केंद्र और राज्यों की एक साझा जिम्मेदारी है और हर किसी को ‘टीम इंडिया’ की भावना से काम करना चाहिए.
बैठक में इस बात का उल्लेख किया गया कि मोदी सरकार ने पुलिस कार्रवाई और विकास कार्यों से पूर्वोत्तर राज्यों, जम्मू-कश्मीर और वाम पंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में अभूतपूर्व सफलता अर्जित की.बैठक में कहा गया कि बिहार और झारखंड अब नक्सलवाद से मुक्त हो गये हैं.
झारखंड की केंद्र से मांग
आइटी एक्ट के संशोधन के सुझाव पर केंद्र विचार करे
साइबर क्राइम रोकने के लिए केंद्र सहायता करे
बोकारो, गढ़वा, हजारीबाग, पलामू, रांची और सिमडेगा स्पेशल सेंट्रल एसिसटेंश से बाहर हो गये है, इन्हें शामिल करें
केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की राज्य में प्रतिनियुक्ति संबंधित बकाया प्रतिपूर्ति राशि को केंद्र माफ करे
एसपीओ के चयन में स्थानीय लोगों को रखने के लिए केंद्र नियम शिथिल करे
केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की एक बटालियन केंद्र उपलब्ध कराये
निर्भया फंड का 61.30 करोड़ केंद्र सरकार दे
एसआइएस की फोर्टिफाइड पुलिस थाना योजना के तहत और अधिक पुलिस थाना को शामिल किये जाने की आवश्यकता है
केंद्र नक्सल के खिलाफ चलने वाले प्रभावी अभियान के लिए ऑप्स मेंडल की शुरुआत करे.

