
उदित वाणी, जमशेदपुर: खरकई व स्वर्णरेखा नदियों के संगम स्थिल सोनारी दोमुहानी आने वाले समय में सिर्फ जमशेदपुर के लोगों के लिए ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों से आने वासे पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र होगा.
स्थानीय विधायक सह राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की पहल पर दोमुहानी इलाके को धार्मिक व आध्यात्मिक नजरिए के साथ साथ पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित किया जा रहा है. यह स्वर्णरेखा आरती घाट हमेशा बनारस या हरिद्वारा में होने वाली गंगा आरती की याद दिलाएगा. इसके निर्माण की पहल तेज कर दी गई है. बन्ना गुप्ता का यह ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है.
गत 14 जनवरी को स्वणरेखा आरती के इसका आगाज किया गया था. अब 18 फरवरी को महाशविरात्रि के दिन दोमुहानी में आस्था के शाही स्नान का आयोजन किया जा रहा है. इसमें नामी गिरामी साधु संतो व कथा वाचकों को जुटाकर भव्य रूप देने की तैयारी है.
इसके लिए काम युद्ध स्तर पर चल रहा है. दूसरी ओर आम लोगों ने श्रमदान कर दोमुहानी की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है. बन्ना ने भी अपने विधायक फंड से स्वर्णरेखा आरती घाट के लिए 50 लाख रुपये का आवंटन किया है लेकिन विधायक निधि की राशि अभी खर्च नहीं की जा रही है. वर्तमान में मंत्री के आह्वान पर दोमुहानी से लेकर डोबो पुल तक नदी तट की सफाई की गई है.
विधायक फंड से आवंटित राशि से दोमुहानी संगम स्थल पर स्वर्णरेखा आरती के लिए फ्लेटफार्म, महिलाओं के लिए चेजिंग रूम, शौचालय, पाथवे, नदी तट पर पार्क व पौधारोपण किया जाएगा. इधर मंत्री के प्रयास से स्वर्णरेखा तट को पत्थरों से बांधने के लिए स्वर्णरेखा परियोजना द्वारा पचास करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है.
सेफ्टिक टैंक पद्धति से नाले के पानी को साफ करने प्रयास
शहर के नालों का पानी नदी में सीधे ना जाए, इसके लिए सेफ्टिक टैंक पद्धति से नाले के पानी को साफ करने का इंतजाम किया जा रहा है. तीन बड़े बड़े गड्डे खोदे गए हैं.
पहले वाले गड्डे में नाले का पानी सीधे जमा होगा. उसके बाद पानी ओवर फ्लो होकर दूसरे गड्डे में जमा होगा. इसी तरह दूसरे से ओवर फ्लो होकर पानी तीसरे गड्डे में जमा हो कर नदी में जाएगा. मंत्री बन्ना गुप्ता कहते हैं कि यह प्रयोग अगर सफल होता है तो शहर ने निकलकर नदी में मिलने वाले सभी नालों के लिए इसी तरह का स्ट्रक्चर बनाया जाएगा.

