
उदित वाणी, चतरा : झारखंड के चतरा जिले से एक बेहद संवेदनशील और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक सरकारी अनुसूचित जाति प्राथमिक आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली तीसरी कक्षा की नाबालिग छात्रा के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है. इस घटना के उजागर होने के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है.
ग्रामीण महिलाओं के संदेह पर हुआ मामले का खुलासा
मिली जानकारी के अनुसार, छात्रा बुधवार देर शाम हॉस्टल से अपने घर गई थी. गुरुवार सुबह जब गांव की कुछ महिलाओं ने उसकी शारीरिक स्थिति देखी, तो उन्हें संदेह हुआ. महिलाओं द्वारा पूछे जाने पर छात्रा ने केवल तबीयत खराब होने की बात कही. इसके बाद परिजनों ने जब स्थानीय स्तर पर जांच कराई, तो छात्रा के गर्भवती होने की पुष्टि हुई.
प्रशासनिक अमला सक्रिय, अधिकारियों ने डाला डेरा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ, एसी, बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम और कई वरीय प्रशासनिक अधिकारी तुरंत थाने पहुंचे. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर घटना की जानकारी ली. प्रशासनिक अधिकारी अब इस बात की तहकीकात कर रहे हैं कि कड़ी सुरक्षा वाले सरकारी हॉस्टल में यह घटना किन परिस्थितियों में हुई.
हेडमास्टर हिरासत में, मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजी गई छात्रा
स्वास्थ्य विभाग की टीम चिकित्सा प्रभारी डॉ. वेद प्रकाश के नेतृत्व में थाना पहुंची, जहां से छात्रा को विस्तृत मेडिकल जांच के लिए चतरा सदर अस्पताल भेजा गया है. वहीं, पुलिस ने मामले की शुरुआती जांच के तहत विद्यालय के प्रधानाचार्य शंकर प्रसाद सिन्हा को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.
दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन
अधिकारियों ने बताया कि खबर लिखे जाने तक परिजनों की ओर से लिखित आवेदन नहीं मिला है. हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभिभावकों के बयान के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

