
उदित वाणी,जमशेदपुर: साकची स्तिथ एमजीएम अस्पताल के कैदी वर्ड में निरीक्षण के दौरान अमलेश के पास से मिली चोरी की मोबाइल और सीम मामले में सुनवाई कर रहे जमशेदपुर कोर्ट के सीजेएम निशांत कुमार की अदालत ने मंगलवार को आरोपी अमलेश सिंह समेत तीन पुलिस कर्मी विवेकानंद सिंह, हरि शंकर सिंह और दिनेश यादव का बयान दपस की धारा 313 के तहत कलम बंद किया गया. बयान में सभी ने अपने को निर्दोष बताया हैं. अदालत ने बयान के बाद 22 जून को बहस के लिए तिथि मुकर्रर की हैं. इस मामले में कुल चार लोगों की गवाही हुई हैं. अमलेश सिंह की ओर से अधिवक्ता रंजनधारी सिंह पैरवी कर रहे हैं. घटना 8 अक्टूबर 2013 की है. पणन सचिव कृषि उत्पादन बाजार समिति परसुडीह के आशुतोष कुमार सिन्हा ने एमजीएम अस्पताल के कैदी वर्ड में अचैक निरीक्षण साकची पुलिस के सहयोग से किया था. इस दौरान अमलेश सिंह से एक नोकिया मोबाइल बरामद किया था. मोबाइल कमरे के दरवाजे में छिपाकर रखा गया था. जब्त मोबाइल से संबंधित कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किया था. इस संबंध में अमलेश के खिलाफ साकची थाने में चोरी की मोबाइल बरामदगी की धारा 414 और कैदी अधिनियम की धारा 42 के तहत मामला दर्ज किया गया था. इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन पुलिस कर्मी नंदलाल सिंह, हरिशंकर सिंह और दिनेश यादव को भी आरोपी बनाया गया था.

