
उदित वाणी, जमशेदपुर : बागबेड़ा थाना क्षेत्र में प्रेम संबंध से उपजे पुराने विवाद ने 24 दिसंबर को हिंसक रूप ले लिया. आरोप है कि एक महिला को पड़ोसियों ने बेरहमी से पीटा और लोहे व लकड़ी से बनी कुल्हाड़ी से जान लेने की नीयत से हमला किया. घटना शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है. पीड़िता बबिता देवी का कहना है कि उसके 18 वर्षीय बेटे और पड़ोसी संतोष तिवारी की बेटी के बीच प्रेम संबंध से दोनों परिवारों के बीच पिछले चार महीनों से तनाव बना हुआ था. मामला पहले जुगसलाई थाना और बाद में अदालत तक पहुंच चुका है.
पीड़िता के आरोप के अनुसार युवक-युवती के घर से भागने के बाद उस पर लड़की के अपहरण का भी आरोप लगाया गया था, जबकि वह उस दौरान प्रशासन के साथ मिलकर अपने बेटे को खोजने में सहयोग कर रही थी. बबिता देवी का कहना है कि इसी रंजिश के कारण 24 दिसंबर की शाम प्रिंस तिवारी कुल्हाड़ी लेकर आया और बिना किसी बहस के हमला शुरू कर दिया. जान बचाने के प्रयास में उसने दोनों हाथों से वार रोके, जिससे उसकी एक हाथ की हड्डी टूट गई. बबिता देवी की मां ने बीच-बचाव की कोशिश की तो उन पर भी हमला करने का प्रयास किया गया.
पीड़िता ने बताया कि आरोपी अकेला नहीं था. प्रिंस तिवारी के साथ उसके पिता संतोष तिवारी, बहन चंचल तिवारी और चाची भी मौजूद थीं. आरोप है कि सभी मिलकर हमला करने आए थे. हंगामे के दौरान किसी आरोपी ने उसका मंगलसूत्र भी छीन लिया. घटना का सीसीटीवी फुटेज पीड़िता के पास मौजूद है, जो पुलिस जांच में अहम साक्ष्य साबित हो सकता है.
गंभीर चोटों के बाद बबिता देवी ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग की है. उनका कहना है कि रात के सन्नाटे में दोबारा हमले का खतरा बना हुआ है. उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि भविष्य में उसके परिवार के किसी सदस्य को नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी आरोपी पक्ष पर होगी. यह मामला दर्शाता है कि प्रेम-प्रसंग से उपजा विवाद किस तरह कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है और समय पर पुलिस कार्रवाई की आवश्यकता क्यों अहम है.

