
उदित वाणी, जमशेदपुर : बहुचर्चित बिरसानगर अधिवक्ता और भाजपा नेता प्रकाश यादव हत्याकांड मामले में शुक्रवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया. इस प्रकरण में विधायक सरयू राय की पार्टी भारतीय जनमोर्चा के पदाधिकारी रहे अमूल्यो कर्मकार समेत तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया. मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही थी.
प्रकाश यादव की हत्या वर्ष 2019 में बिरसानगर थाना क्षेत्र में गोली मारकर कर दी गई थी. घटना के बाद पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया था और चार्जशीट दायर की थी. इनमें अमूल्यो कर्मकार के साथ दो अन्य को भी आरोपी बनाया गया था. हालांकि, लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष गवाहों व प्रस्तुत साक्ष्यों से अदालत को संतुष्ट नहीं कर पाया.
अदालत ने कहा कि अभियोजन आरोप साबित करने में विफल रहा है, ऐसे में संदेह का लाभ आरोपियों को दिया जाता है. इस आदेश के साथ तीनों को बरी कर दिया गया. फैसले के बाद अदालत परिसर में उपस्थित उनके परिजनों और समर्थकों ने राहत की सांस ली.
प्रकाश यादव की हत्या के बाद उस समय बिरसानगर और आसपास क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था. अधिवक्ता व राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में वे सक्रिय थे. इस फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने उच्च न्यायालय में अपील की संभावना से इनकार नहीं किया है. वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अदालत के आदेश का अध्ययन कर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा.

