
उदित वाणी, रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने रिम्स की बदहाली पर हस्तक्षेप करते हुए सख्त रुख अपनाया है. अदालत ने दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 8-14 सितंबर के बीच रिम्स गवर्निंग बॉडी की आवश्यक बैठक बुलाने का निर्देश दिया है और बैठक की निगरानी के लिए एक रिटायर्ड जज को ऑब्जर्वर नियुक्त करने की घोषणा की है. अदालत द्वारा रिम्स की बदहाली पर चिंता व्यक्त करते हुए यह भी आदेश दिया गया कि जीबी की बैठक में लिए गए निर्णयों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाय. यह निर्देश रिम्स की लचर व्यवस्था व प्रशासनिक खामियों को सुधारने के लिए दी गई है.
गौरतलब है कि झारखंड का सबसे बड़े मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल लंबे समय से कर्मचारियों की कमी, खराब बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक लापरवाही की मार झेल रहा है. हाल के बर्षों में कोर्ट द्वारा कई बार रिम्स की स्थिति पर चिंता जताई गई और इसे नीतिगत लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम बताया गया था और रिम्स में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और ग्रुप डी कर्मचारियों की भारी कमी के साथ ही आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की अनुपलब्धता को उजागर किया गया था.
चाय में था जहर, जूनियर डॉक्टर आईसीयू में, पुलिस ने तीन को हिरासत में लिया
रिम्स की एक पीजी छात्रा यजूनियर डॉक्टरद्ध को चाय पीने के बाद गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती कराया गया है. उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. बताया गया कि यह मामला जहर देने का लग रहा है. पुलिस ने कैंटीन को सील कर तीन लोगों को हिरासत में लिया है और थर्मस को जांच के लिए भेज दिया है. रिम्स में गुरुवार की रात करीब 11.30 बजे ड्यूटी के समय चाय पीने के बाद 2024 बैच की फर्स्ट ईयर की पीजी छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई. स्थिति अत्यधिक खराब होने के बाद उसे सेंट्रल इमरजेंसी में लाया गया.
जहां डाक्टरों ने गंभीर हालत देखते हुए उसे रात करीब 12 बजे आइसीयू में भर्ती कराया गया. घटना के करीब 12 घंटे के बाद छात्रा को होश आया. लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. इधर रिम्स प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है. कमेटी में मेडिसिन विभाग के एचओडी डा बी कुमार की अध्यक्षता में एफएमटी टॉक्सिकोलाजी विभाग के डा भूपेंद्र सिंह व आब्स गायनी विभाग की इंचार्ज डा अतिमा भारती शामिल किया गया है.

