
उदित वाणी, जमशेदपुर : विश्व आदिवासी दिवस के पूर्व संध्या पर गोगाडीह में आनंद मार्ग द्वारा आदिवासी समाज के बीच दो दिवसीय पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के पहले दिन लगभग 200 फलदार पौधों का वितरण किया गया। इस दौरान गदरा और आसपास के गांवों में आदिवासी समाज के लोगों को प्राकृतिक संरक्षण के महत्व के बारे में बताया गया।
आदिवासी समाज ने पेड़-पौधों को परिवार के सदस्य के रूप में स्वीकार करने की परंपरा को जीवित रखा है और वे प्राकृतिक को भगवान मानते हैं। इस अवसर पर बीज बॉल बनाने की विधि भी साझा की गई और उन लोगों के बीच बीज बॉल वितरित किए गए। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्हें संकल्प भी दिलाया गया।
आनंद मार्ग के सुनील आनंद ने कहा, “जब तक हम पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं को अपने परिवार का सदस्य नहीं मानते, तब तक प्रकृति का कल्याण संभव नहीं है। नव्य मानवतावादी विचारधारा से ही समाज का कल्याण संभव है। यह विचार बताता है कि इस पृथ्वी पर मनुष्य ही नहीं, बल्कि पेड़-पौधे और जीव-जंतु भी हमारे परिवार के सदस्य हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि आदिवासी समाज ने इस विचार को स्वीकार किया है और आनंद मार्ग लगातार पर्यावरण के उद्देश्य से उनके बीच काम कर रहा है। पृथ्वी पर ऑक्सीजन की मात्रा को संतुलित बनाए रखने के लिए आनंद मार्ग की ओर से हर तरह के पौधे बांटे जा रहे हैं।

