
उदित वाणी, जमशेदपुर: आरएसबी ग्लोबल ने ‘एक पहल’ की तीसरी वर्षगांठ मनाई. महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव के संकल्प को मजबूत करते हुए यह कार्यक्रम 17 जुलाई को जमशेदपुर के रैडिसन होटल में आयोजित किया गया. आयोजन में आरएसबी की विभिन्न इकाइयों की महिला कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
‘एक पहल. अनेक सपने’ थीम पर आधारित इस वार्षिक समारोह में तीन प्रेरणादायक महिलाएं विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं. इनमें पद्मश्री और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित तीरंदाजी कोच पूर्णिमा महतो. प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और लेखिका डॉ. पूर्णिमा डोरे. एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही स्वर्णलता दलाई शामिल रहीं. इन अतिथियों ने अपने अनुभव साझा किए और उपस्थितजनों को प्रेरित किया.
कार्यक्रम में मंचन “कल की खोज. आज का बोझ” को विशेष सराहना मिली. जिसमें प्लास्टिक प्रदूषण जैसे गंभीर विषय को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया. सांस्कृतिक प्रस्तुतियां. प्रतीकात्मक गतिविधियां. और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया. जया सिंह और ग़ज़ल भामरे ने एंकरिंग की भूमिका निभाई और अपने आत्मीय संचालन से पूरे आयोजन को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया.
एक पहल आरएसबी की कार्यकारी निदेशक निर्मला बेहरा की पहल है. जो अब एक सशक्त आंदोलन बन चुका है. यह कार्यक्रम चार स्तंभों — स्वास्थ्य एवं स्वच्छता. शिक्षा एवं विकास. सुरक्षा. और समुदाय सेवा — पर आधारित है. इन पहलुओं के माध्यम से कर्मचारियों को समाज और संगठन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया जाता है.
इस अवसर पर वर्षभर उत्कृष्ट कार्य करने वाले पिलर लीडर्स को सम्मानित किया गया. बिंदिया खंडका और मोनिका पैरा को कम्युनिटी इनिशिएटिव पिलर में उनके योगदान के लिए. और सुनिता भट्टमिश्र को सेफ्टी पिलर में उनके समर्पण के लिए विशेष सराहना मिली.
निर्मला बेहरा ने कहा. एक छोटा कदम भी सपनों की दिशा में बड़ा परिवर्तन ला सकता है. जो प्रयास एक छोटे से विचार से शुरू हुआ था. वह आज एक प्रेरणादायक यात्रा बन चुका है.
हालांकि आरएसबी के चेयरमैन आर. के. बेहरा और वाइस चेयरमैन एस. के. बेहरा कार्यक्रम में मौजूद नहीं रह सके. लेकिन उन्होंने अपने संदेश में इस पहल को सराहा. आर. के. बेहरा ने कहा. जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं. तब पूरा संगठन प्रगति करता है. एस. के. बेहरा ने कहा. हर बड़ा बदलाव एक छोटे कदम से शुरू होता है और एक पहल वही पहला कदम है.
कार्यक्रम के अंत में नव-निर्वाचित पिलर लीडर्स की घोषणा के साथ एक पहल की यात्रा एक नए चरण में प्रवेश कर गई. यह आयोजन इस विश्वास का प्रतीक रहा कि हर कदम मायने रखता है और हर सपना अहम होता है.

