
उदित वाणी, जमशेदपुर : बागबेड़ा थाना क्षेत्र के साईं कॉम्प्लेक्स के पास बीते सप्ताह हुई फायरिंग की घटना में घायल युवक आशीष कुमार की रविवार देर रात कोलकाता के सीएमआरआई अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. गोली लगने से गंभीर रूप से घायल आशीष को पहले टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे एयर एंबुलेंस से कोलकाता रेफर किया गया था, जहां चार दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए उसने दम तोड़ दिया.
सोमवार सुबह परिजन शव को लेकर जमशेदपुर पहुंचे. शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेजा गया है और वर्तमान में शव को पोस्टमार्टम हाउस के शवगृह में रखा गया है. आशीष की मौत से परिजनों में मातम पसरा हुआ है. पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है. परिजनों ने जहां एक ओर घटना को सुनियोजित साजिश बताया है, वहीं पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जांच को अधूरी बताया है.

परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में जानबूझकर दो साजिशकर्ताओं के नाम शामिल नहीं कर रही है. उनका कहना है कि जिन लोगों ने पीछे से इस पूरे कांड की योजना बनाई, उन्हें बचाया जा रहा है. आशीष के भाई ने बताया कि वारदात के पीछे सिर्फ फायरिंग करने वाले युवक ही नहीं बल्कि उनके पीछे खड़े षड्यंत्रकारी भी जिम्मेदार हैं. परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने जल्द ही इन दो नामों को प्राथमिकी में शामिल नहीं किया, तो वे शव के साथ स्टेशन चौक पर धरना देंगे.
बागबेड़ा पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सभी के पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं. पुलिस का दावा है कि मुख्य शूटर सहित सभी सक्रिय अपराधी पकड़े जा चुके हैं और पूछताछ के आधार पर चार्जशीट की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी के खिलाफ ठोस साक्ष्य मिलते हैं, तो उन्हें भी नामजद किया जाएगा.
उधर, आशीष की मौत के बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है. इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. थाना प्रभारी के नेतृत्व में क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया चल रही है.
फिलहाल पुलिस और परिजन आमने-सामने नजर आ रहे हैं. इस हाई प्रोफाइल मामले में शहर की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.

