
उदित वाणी, रांची : राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल के दौरान झारखंड में 9 जुलाई को झारखंड में पूर्वाहन 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चक्का जाम किया जायेगा. यह जानकारी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई. भाकपा के राज्य सचिव महेंद्र पाठक, जिला सचिव अजय कुमर सिंह, एटक के अशोक यादव, कर्मचारी संघ के सुनील साहू, बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के शशिकांत भारती और एआईबीए के सरफराज अहमद मौजूद थे. प्रेस कांफ्रेंस में नेताओं ने बताया कि आम हड़ताल के दौरान पूरे झारखंड में दो घंटे का चक्का जाम रहेगा.
वहीं हड़ताल की पूर्व संध्या पर मशाल जुलूस निकाला गया. किसान संगठनों के अलावा राज्य में सत्तारूढ़ झामुमो, कांग्रेस, राजद और वाम दलों ने हड़ताल को समर्थन दिया है. नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां मजदूर और किसान विरोधी है. उन्होंने कहा कि 44 श्रम कानूनों को खत्म कर चार लेबर कोड लाना, किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य [एमएसपी] की गारंटी न देना और निजीकरण को बढ़ावा देना जनविरोधी कदम है. इन मुद्यों के विरोध में व 17 सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को आम हड़ताल बुलाई गई है. हड़ताल के दौरान कोयला क्षेत्र में उत्पादन और ढुलाई बंद रखने तथा बैंक, एलआईसी समेत बीमा कंपनियां, सार्वजनिक उपक्रमों जैसे कोयला, सेल, भेल, रेलवे और विमानन क्षेत्र के कर्मचारी भी अपने-अपने कार्यों से दूर रहेंगे.
भाकपा नेता महेंद्र पाठक ने फुटपाथ दुकानदारों और छोटे व्यापारियों से भी हड़ताल में सहयोग की अपील की है. उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते खुदरा व्यापार में बड़े पूंजीपतियों की घुसपैठ बढ़ी है. जिससे छोटे दुकानदारों का अस्तित्व संकट में है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार नहीं चेती तो यह हड़ताल 2029 में मोदी सरकार के ताबूत में कील ठोकने का काम करेगी.
