
उदित वाणी, चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी प्रखंड के जिला परिषद सदस्य और मजदूर नेता जॉन मिरन मुंडा को दुष्कर्म मामले में दोषी करार देते हुए चाईबासा के अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने 10 वर्षों के कठोर कारावास और 5000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है.
महिला को झांसा देकर किया शोषण
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जॉन मिरन मुंडा ने 12 फरवरी 2022 की सुबह 9 बजे पीड़िता को फोन कर घर से बुलाया. फिर उसे मनोहरपुर ले जाकर एक कमरे में कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए. पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने शादी और राजनीतिक संरक्षण का झांसा दिया और गोपीपुर डिग्री कॉलेज के पास सामुएल सामड़ के मकान में किराये के कमरे में उसे रखा.
गर्भवती होने पर जबरन दी गई गर्भपात की दवा
पीड़िता गर्भवती हो गई तो 12 मई 2022 को जॉन मिरन मुंडा ने जबरन दवा खिलाकर गर्भ गिरवाने की कोशिश की. इस संबंध में मनोहरपुर थाना में कांड संख्या 32/2022, भादवि की धारा 376(2)(एन)/313/506 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई थी.
पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ दायर किया आरोप पत्र
चाईबासा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा और वैज्ञानिक विधियों से साक्ष्य एकत्र करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया. इसी के आधार पर न्यायालय ने मंगलवार को फैसला सुनाया.

