
* राज्य में निकाय चुनाव कराने की दिशा में अब तेजी आने की प्रबल संभावना
उदित वाणी, रांची : राज्य में नगर निकाय चुनाव कराने की दिशा में अब तेजी आने की प्रबल संभावना है. राज्य सरकार द्वारा बरकटठा के पूर्व विधायक जानकी प्रसाद यादव को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया. जबकि सदस्य के पद पर गिरिडीह जिला के पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश वर्मा की नियुक्ति की गई. पूर्व विधायक जानकी यादव झारखंड विकास मोर्चा से विधायक रह चुके हैं. जबकि बर्ष 2024 के चुनाव में उन्होंने झामुमो की टिकट पर बरकट्ठा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था. परंतु वे चुनाव हार गए थे. जानकी यादव संत कोलंबस हजारीबाग से पोस्ट ग्रेजुएट हैं. वहीं नरेश वर्मा वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस के सचिव हैं.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान करने के बाद अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. ज्ञात हो कि आयोग में पहले से नंद किशोर मेहता और लक्ष्मण यादव सदस्य के रूप में नियुक्त किये गए हैं. सोमवार को अध्यक्ष समेत दो पदों पर नियुक्ति के बाद पिछड़ा वर्ग आयोग पूर्ण रूप से गठित हो चुका है. जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार द्वारा अब जल्द ही राज्य निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष पद पर भी नियुक्ति कर दी जायेगी. राज्य मंत्रिपरिषद की अगली बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर नियुक्ति किये जाने की संभावना है.
गौरतलब है कि आयोग के अध्यक्ष का पद रिक्त होने की वजह से राज्य में पिछड़ा वर्ग के लिए किये गये ट्रिपल टेस्ट रिपोर्ट को कंपाइल कर राज्य सरकार को अनुशंसा भेजने में तकनीकी अड़चने पैदा हो रही थी. वहीं राज्य निर्वाचन आयुक्त का पद रिक्त होने से निकायों का चुनाव कराने के लिए मतदाता सूची का प्रकाशन, वार्डों और बूथों के पुनर्गठन, इवीएम की उपलब्धता जैसी प्रक्रिया पूरी करने जैसे कार्य ठप्प हो गया था और निकाय चुनाव कराने में बिलंब हो रहा था.
इधर निकाय चुनाव नहीं कराने के कारण केन्द्र सरकार द्वारा अबतक निकायों को मिलनेवाली लगभग 1600 करोड़ रूपये से अधिक की अनुदान राशि रोक दिया गया है. 16 वें वित्त आयोग की टीम ने भी पिछले दिनों रांची दौरे के क्रम में स्पष्ट कर दिया था कि निकाय चुनाव नहीं कराने की स्थिति में अनुदान राशि का मिलना मुश्किल है. जबकि निकायों में केंद्रीय अनुदान की राशि नहीं मिलने की वजह से कई योजनाएं लंबित है. मालूम हो कि राज्य के 13 नगर निकायों में बर्ष 2020 से ही चुनाव लंबित है. दूसरी ओर 35 अन्य शहरी निकायों का कार्यकाल भी बर्ष 2023 के मार्च-अप्रैल महीने में समाप्त हो चुका है.
