
उदित वाणी, जमशेदपुर: शनिवार देर रात से हो रही मूसलधार बारिश ने पोटका प्रखंड में भारी तबाही मचाई. जहां एक ओर पांडरशुली स्थित लवकुश इंग्लिश स्कूल के छात्रावास में अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए, वहीं दूसरी ओर कोवाली थाना क्षेत्र के कई गांवों में घर धराशायी हो गए. सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है.
छात्रावास में फंसे 162 बच्चे, छत पर गुजारी रात
शनिवार रात लगभग तीन बजे गुड़रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा. पानी ने पांडरशुली स्थित लवकुश इंग्लिश स्कूल के छात्रावास को घेर लिया. छात्रावास में रह रहे 162 बच्चे उस समय गहरी नींद में थे. पानी बढ़ता देख बच्चे छत पर चढ़ गए और लगभग पाँच घंटे तक वहां भय के साए में फंसे रहे. स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी. तत्परता दिखाते हुए कोवाली थाना प्रभारी धनंजय कुमार पासवान, मुसाबनी डीएसपी संदीप भगत और ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. रस्सियों और नावों की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित निकालकर पास के सरकारी विद्यालय में पहुँचाया गया.
बोरडीह में बारिश से तबाही, विधायक पहुँचे राहत शिविर
कोवाली थाना क्षेत्र के बोरडीह, चिरुगोड़ा, ढेंगाम और अन्य गाँवों में भारी बारिश ने तबाही मचा दी. बोरडीह में पूर्ण सरदार, गोपाल सरदार, गुरबारी सरदार, मीरु सरदार, दीपक नायक समेत कई ग्रामीणों के कच्चे मकान ढह गए. घटना की जानकारी मिलते ही पोटका विधायक संजीव सरदार मौके पर पहुँचे. उन्होंने प्रभावित घरों का निरीक्षण किया और प्रशासन को राहत कार्य में गति लाने तथा मुआवजा शीघ्र दिलाने का निर्देश दिया. पीड़ितों के लिए मुक्तेश्वर धाम उच्च विद्यालय, हरिणा में राहत शिविर खोला गया, जहां खाद्यान्न, तिरपाल और वस्त्र वितरित किए गए.
राहत शिविर में सुविधाओं का वादा, लापरवाही पर चेतावनी
विधायक संजीव सरदार ने आश्वासन दिया कि जब तक सभी पीड़ितों के घर पुनर्निर्मित नहीं हो जाते, तब तक राहत शिविरों में तीन समय भोजन, दवाइयाँ और अन्य सभी सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएंगी. उन्होंने यह भी चेताया कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. राहत शिविर में हरिणा पंचायत की मुखिया सरस्वती मुर्मू और झामुमो कार्यकर्ता भी उपस्थित थे.
नदी ढीपा में कार बही, पुल-पुलिया पर पानी
गुड़रा नदी के जलस्तर में अत्यधिक वृद्धि के चलते नदी ढीपा गाँव सहित अन्य क्षेत्रों में पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है. इससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है. नदी ढीपा में पानी के तेज बहाव में एक कार और कई बकरियाँ बह गईं. खड़बांध के प्राथमिक विद्यालय में भी बाढ़ का पानी भर गया है.
प्रशासनिक टीमें सक्रिय, सर्वे और पुनर्वास कार्य जारी
बीडीओ अरुण कुमार मुंडा, सीओ निकीता बाला, थाना प्रभारी धनंजय पासवान और अन्य अधिकारी लगातार क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं. नुक़सान का आकलन जारी है और पुनर्वास की प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है.

