
उदित वाणी, चाकुलिया : चाकुलिया में स्कूली बच्चों को वितरित की जाने वाली पुस्तकें और कॉपियां कबाड़खाने में बेचने का मामला गहराता जा रहा है. शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते इस प्रकरण ने न सिर्फ विभागीय लापरवाही को उजागर किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में आक्रोश भी फैला दिया है.
शिक्षा या सौदा? किताबें पहुंचीं कबाड़ में
बताया जा रहा है कि झारखंड राज्य शिक्षा परियोजना, रांची द्वारा प्रत्येक प्रखंड में प्रखंड संसाधन केंद्र (BRC) को विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर पुस्तकें और कॉपियां भेजी जाती हैं. यहीं से ये सामग्री सरकारी स्कूलों को वितरित की जाती है.
हालांकि, इस वर्ष कुछ स्कूलों में किताबों का वितरण हो चुका था जबकि कई विद्यालयों में अब भी वितरण बाकी था. इसी बीच प्रखंड संसाधन केंद्र में बची किताबों को कबाड़ में बेचने का प्रयास किया गया, जिससे मामला तूल पकड़ गया.
नाइट गार्ड पर आरोप, अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
सूत्रों के अनुसार, रात में तैनात नाइट गार्ड द्वारा करीब 23 बोरे किताबें और कॉपियां कबाड़ में बेचने के लिए ले जाई जा रही थीं, जिनका वजन करीब 15–20 क्विंटल बताया गया. आशंका जताई जा रही है कि इससे करीब 15 से 20 हजार रुपये मिलने वाले थे.
प्रश्न यह उठता है कि क्या BRC अधिकारियों को यह नहीं पता था कि उनके स्टॉक में कितनी पुस्तकें बची हैं और कितने बच्चों तक अभी पुस्तकें पहुंचनी बाकी हैं? यदि नहीं, तो यह सीधा लापरवाही और कर्तव्यहीनता का मामला बनता है.
बच्चों के भविष्य का सौदा! कितनी बड़ी है यह चूक?
महज कुछ हजार रुपये की लालच में स्कूली बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया. यह घटना शिक्षा तंत्र में व्याप्त अव्यवस्था और जवाबदेही की कमी को दर्शाती है. लोग यह पूछ रहे हैं कि क्या किसी भी अधिकारी ने स्टॉक का ऑडिट नहीं किया?
तीन पर केस, एक गिरफ्तार, दो फरार
घटना के सामने आने के बाद तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इनमें से एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य फरार बताए जा रहे हैं. जांच जारी है और प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है.
क्या शिक्षा विभाग लेगा जिम्मेदारी?
स्थानीय लोग और अभिभावक इस बात से नाराज हैं कि सरकारी किताबें कबाड़ में कैसे पहुंच गईं? वे मांग कर रहे हैं कि न सिर्फ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, बल्कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए.

