
* मानगो पवन यादव हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर की आपराधिक दुनिया में दहशत का पर्याय बन चुका बिष्टुपुर साउथ पार्क निवासी निशार हसन उर्फ निशु आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया. मानगो के बहुचर्चित पवन यादव हत्याकांड समेत कई संगीन मामलों का वांछित मुख्य आरोपी को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि सोमवार को एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पांडे ने की.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, निशार हसन देश से बाहर बहरीन भाग गया था और वहीं से भारत लौटने के दौरान उसे इमिग्रेशन के समय दिल्ली एयरपोर्ट पर दबोच लिया गया. गिरफ्तारी लुकआउट सर्कुलर के तहत संभव हुई, जो केंद्रीय गृह मंत्रालय के सहयोग से जारी किया गया था.
हत्या के बाद बहरीन में छिपा था निशार
27 अगस्त 2023 को दिनदहाड़े मानगो के ग्वाला बस्ती, गुरुद्वारा रोड, स्वर्णरेखा नदी के किनारे पवन यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पवन यादव के भाई मंतोष यादव के आवेदन पर मामला दर्ज किया गया था. पुलिस ने इस मामले में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता निशार फरार चल रहा था.
घटना के तुरंत बाद निशार देश छोड़कर बहरीन चला गया था. बहरीन से लौटते समय एयरपोर्ट अथॉरिटी और पुलिस टीम की संयुक्त कार्यवाही में उसे गिरफ्तार किया गया. यह जमशेदपुर पुलिस के इतिहास में पहला मामला है जिसमें लुकआउट सर्कुलर के माध्यम से किसी कुख्यात अपराधी को विदेश से लौटते समय गिरफ़्तार किया गया.
‘अमरनाथ गिरोह’ का सक्रिय सदस्य
एसएसपी पीयूष पांडे ने बताया कि निशार हसन का नाम सिर्फ एक हत्या में नहीं, बल्कि अवैध उगाही, रंगदारी, फायरिंग, बमबारी, भूमि विवादों में हस्तक्षेप, और हत्या की साजिशों में भी दर्ज है. वह लंबे समय से अमरनाथ गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है और बाद में गिरोह के संचालन की बागडोर खुद संभाल ली थी.
कदमा, मानगो, बिष्टुपुर, सोनारी और बोडाम थाना क्षेत्र में भूमि कारोबारियों से वसूली, धमकी और हिंसा के कई मामलों में उसका सीधा हाथ रहा है. अमरनाथ गिरोह को दोबारा सक्रिय करने के लिए उसने दहशत फैलाने की नीयत से कई संगीन घटनाएं करवाई थीं.
हत्या के बाद की गई अन्य वारदातें
पवन यादव की हत्या के बाद भी निशार का आपराधिक तांडव जारी रहा. उसकी साजिश में बैकुंठनगर निवासी राजा सिंह की हत्या कर दी गई. बोडाम थानान्तर्गत डिमना लेक रोड में आशुतोष ओझा उर्फ अंशु पर जानलेवा फायरिंग भी इसी नेटवर्क का हिस्सा थी.
निशार मेसेंजर एप्स के माध्यम से गिरोह के सदस्यों से लगातार संपर्क में बना रहा और मानगो व आसपास के इलाके में भूमि कारोबारियों से अवैध वसूली का काम जारी रखा.
तकनीकी निगरानी और टीम वर्क से बड़ी सफलता
पुलिस ने इस जघन्य मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नगर की निगरानी में एक विशेष टीम गठित की थी. पुलिस उपाधीक्षक मु० प्रथम भोला प्रसाद सिंह के नेतृत्व में काम कर रही इस टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी, कॉल डिटेल विश्लेषण, बैंक खाते और सोशल मीडिया स्कैनिंग के ज़रिए निशार की लोकेशन ट्रैक की.
टीम की तत्परता का ही परिणाम है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के सहयोग से लुकआउट सर्कुलर जारी हुआ और इमिग्रेशन के समय आरोपी को धर दबोचा गया.
झारखंड सरकार ने रखा था 50,000 रुपए का इनाम
निशार हसन की गिरफ्तारी के लिए झारखंड सरकार ने ₹50,000 के इनाम की घोषणा की थी. उसकी गिरफ्तारी से पहले ही पुलिस इस पर काम कर रही थी और जैसे ही बहरीन से उसके भारत लौटने की सूचना मिली, पुलिस ने बिना देर किए जाल बिछाया. उसकी गिरफ्तारी से शहर के आपराधिक जगत में खलबली मच गई है.
न्यायिक हिरासत में भेजा गया, और गिरफ्तारियां संभव
निशार को पुलिस ने आवश्यक पूछताछ के बाद सभी साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. एसएसपी ने कहा कि “आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे आने वाले दिनों में कई अन्य गिरफ्तारियों की संभावना है.”
पुलिस अब उसके नेटवर्क, फाइनेंसिंग चैनल, हथियार सप्लाई, प्रॉपर्टी निवेश और गैंग के अन्य सदस्यों की जांच में जुट गई है. साथ ही, तकनीकी सेल उसकी कॉल डिटेल, बैंक लेनदेन और ऑनलाइन गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है.
शहर को संगठित अपराध से मुक्त करने की दिशा में बड़ी कामयाबी
एसएसपी पीयूष पांडे ने कहा—”निशार हसन की गिरफ्तारी, जमशेदपुर पुलिस के लिए बड़ी सफलता है. उसने वर्षों से कई गंभीर अपराधों को अंजाम दिया और कानून से बचता रहा. लुकआउट नोटिस जारी करने और दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि कोई भी अपराधी कानून से नहीं बच सकता.”
जनता में उम्मीद, अपराधियों में डर
निशार की गिरफ्तारी से आम जनता को कानून की शक्ति पर फिर भरोसा हुआ है. वहीं, शहर में सक्रिय अन्य आपराधिक गिरोहों के लिए यह एक सख्त संदेश है कि पुलिस किसी भी हाल में अपराधियों को नहीं बख्शेगी.
पुलिस ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में अमरनाथ गिरोह की कमर तोड़ने हेतु विशेष अभियान चलाया जाएगा ताकि शहर को संगठित अपराध से मुक्त किया जा सके.

