
उदित वाणी, मुंबई: ‘हाउसफुल 5’ को नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट के बैनर तले साजिद नाडियाडवाला, वर्दा नाडियाडवाला और फिरोजी खान ने प्रोड्यूस किया है. इस हास्य-नाटक फिल्म में अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन, संजय दत्त, फरदीन खान, श्रेयस तलपड़े, नाना पाटेकर, जैकी श्रॉफ, डिनो मोरिया, जैकलीन फर्नांडीज़, नरगिस फाखरी, चित्रांगदा सिंह, सोनम बाजवा, सौंदर्या शर्मा, चंकी पांडे, निकितिन धीर और जॉनी लीवर जैसे सितारे शामिल हैं. इस फिल्म की भव्यता और कास्ट इसे साल की सबसे चर्चित रिलीज़ में शामिल कर रही है. मगर सवाल ये है – क्या इतना बड़ा दांव रंग लाएगा?
15 वर्षों का ब्रांड और अब तक की सबसे बड़ी कास्ट
2010 में शुरू हुई ‘हाउसफुल’ सीरीज़ ने खुद को सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ब्रांड के रूप में स्थापित किया. ‘हाउसफुल 2’ ने पहले भाग से कई गुना ज्यादा कमाई की. भले ही डायरेक्टर बदले और टोन में फेरबदल हुआ हो, लेकिन दर्शकों का भरोसा इस ब्रांड पर बना रहा. अब पांचवें भाग में एक नई चुनौती है – 20 नामचीन सितारे और 350 करोड़ का बजट. अगर ओपनिंग ज़ोरदार नहीं रही, तो नुकसान तय माना जा रहा है.
क्या 350 करोड़ का दांव सही है?
350 करोड़ का निवेश किसी भी कॉमेडी फिल्म के लिए एक साहसिक निर्णय है. साजिद नाडियाडवाला और अक्षय कुमार दोनों की पिछली कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कमजोर रही हैं. ऐसे में अगर यह फिल्म भी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, तो दोनों की साख को गंभीर आघात लग सकता है. आज के समय में दर्शक सोच-समझकर टिकट खरीदते हैं. सिर्फ स्टार पावर अब थिएटर तक खींचने में सक्षम नहीं. फिल्म को कंटेंट से दम दिखाना होगा. “अक्षय कुमार की मार्केट वैल्यू लगातार गिर रही है. ‘हाउसफुल 5’ उनके लिए बड़ा मौका भी है और बड़ी चुनौती भी. अगर यह फिल्म असफल रही, तो वापसी और कठिन हो जाएगी.” ‘स्काई फोर्स’ ने थोड़ी राहत दी थी, लेकिन पक्की वापसी का संकेत नहीं दिया.
साजिद नाडियाडवाला की नई कसौटी
‘हाउसफुल 5’ न केवल साजिद के प्रोडक्शन हाउस के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि कोविड के बाद की सबसे बड़ी उम्मीद भी है. कोविड काल के बाद NGE की सात फिल्मों में से सिर्फ ‘सत्यप्रेम की कथा’ को हिट का दर्जा मिला. ‘हाउसफुल 5’ को हिट कहलाने के लिए कम से कम 750 करोड़ की घरेलू कमाई करनी होगी. वहीं, यदि यह फिल्म 520.65 करोड़ कमा लेती है, तो NGE कोविड के बाद 1000 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगा.
बड़े पर्दे की फिल्म, OTT नहीं
यह फिल्म बड़े पर्दे के लिए बनी है. इसका हर दृश्य, संगीत और स्केल सिनेमाघरों को ध्यान में रखकर रचा गया है. दो अलग-अलग क्लाइमैक्स की योजना दर्शकों को थिएटर तक खींच सकती है.” आज के दौर में दर्शक मानसिक तनाव और दबाव से जूझ रहे हैं. ऐसे में हल्की-फुल्की कॉमेडी उन्हें राहत देती है. ‘हाउसफुल’ जैसी फिल्में पारिवारिक मनोरंजन की श्रेणी में आती हैं. ‘गोलमाल’, ‘धमाल’ और ‘मस्ती’ जैसी फिल्मों के बाद यह शैली थोड़ी मद्धम पड़ी थी. यह फिल्म उस हँसी की पुरानी लय लौटा सकती है. अगर सब अनुकूल रहा, तो शुरुआती सप्ताहांत में ही फिल्म 100 करोड़ का आंकड़ा छू सकती है. हालांकि यह फिल्म मुख्यतः मेट्रो सिटीज़ में बेहतर प्रदर्शन करेगी. छोटे शहरों में इसकी पकड़ थोड़ी कम हो सकती है.
‘हाउसफुल 5’ सिर्फ एक कॉमेडी फिल्म नहीं, बल्कि ट्रेड और निवेश की गंभीर गणना है. दो क्लाइमैक्स, 20 सितारे, 350 करोड़ की लागत और थिएटर की ठंडी होती संस्कृति के बीच यह फिल्म यदि सफल होती है, तो यह बॉलीवुड की नई दिशा तय कर सकती है.

