
उदित वाणी, जमशेदपुर: मानगो में एनएच 33 पर स्थित एक टायर गोदाम में आग लगने के बाद प्रशासन की नींद खुली है. अब मानगो नगर निगम क्षेत्र की सभी टायर दुकानों व बड़े प्रतिष्ठानों को नोटिस निर्गत कर फायर ऑडिट करने का आदेश दिया जा रहा है. कार्यपालक पदाधिकारी के आदेशानुसार नगर प्रबंधक राहुल कुमार एवं निशांत कुमार की दो सदस्यीय टीम द्वारा व्यवसायिक एवं आवासीय क्षेत्र में फायर एनओसी की जांच कर नोटिस देने काम किया जा रहा है. एनएच 33 के आसपास कई प्रतिष्ठानों एवं टायर दुकानों को शनिवार नोटिस दिया गया. इन्हें जवाब देने के लिए 3 दिन का समय दिया गया है.
शहर के अपार्टमेंट के फायर एनओसी की होगी जांच: डीआईजी
अग्निशमन विभाग के डीआईजी दीपक कुमार सिन्हा ने कहा कि शहर के सभी अपार्टमेंट में फायर एनओसी की जांच की जाएगी. सभी को एनओसी रिन्यूअल कराना है. अगर किसी ने नहीं कराया है तो उसे नोटिस दिया जाएगा. साथ ही जिन अपार्टमेंट वालों ने एडवाइजरी में निर्देशों का पालन नहीं किया, उसकी भी छानबीन होगी. इसमें नगर निकायों की मदद ली जाएगी, क्योंकि जब बिल्डर ने भवन बनाया था तो एनओसी के लिए एडवाइजरी का पालन करने का वादा किया था. लेकिन, बाद में बिल्डरों ने भवन निर्माण कर लिया और रखरखाव का जिम्मा स्थानीय सोसाइटी को सौंप दिया. अब उन अपार्टमेंट में अग्निशमन सुरक्षा का पालन नहीं किया जा रहा है. इसके लिए विभाग की ओर से तमाम अपार्टमेंट का निरीक्षण कराया जाएगा. जिन लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया गया है उनपर कार्रवाई की जाएगी.
टायर गोदाम अग्निकांड में जांच को टीम का गठन
टायर गोदाम में लगी आग के मामले में डीआईजी दीपक कुमार सिन्हा ने जांच टीम गठित की है. इस टीम में गोलमुरी अग्निशमन स्टेशन और मानगो अग्निशमन स्टेशन के दोनों पदाधिकारियों को शामिल किया गया है. टीम वहां आग लगने के कारणों और कितनी की संपत्ति का नुकसान हुआ है. इसका पता करेगी.
मानगो में फायर हाइड्रेंट नहीं, अगर होता तो काबू में होती आग
लाखों की आबादी वाले पूरे मानगो निगम क्षेत्र में एक भी फायर हाइड्रेंट नहीं हैं. अगर होता तो एनएच 33 में टायर गोदाम में लगी आग पर समय रहते काबू पाया जा सकता था. आग पर काबू पाने के लिए दमकल गाडिय़ों में टैंकर से पानी भरना पड़ा था. जो पांच हाइड्रेंट हैं, वे निजी संस्थानों के ही हैं. इधर जमशेदपुर शहर के अंदर जो भी हाइड्रेंट हैं, उसे टाटा स्टील ने बाजार की संरचना के अनुसार लगाया है. लेकिन, उनमें से अधिकांश को जमींदोज कर दिया गया. कई हाइड्रेंट का अतिक्रमण कर लिया गया. इसके चलते यदि बाजार में आग लगती है तो वहां हाइड्रेंट का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.
बंद पड़े हाइड्रेंट को ठीक करने की दिशा में प्रक्रिया शुरू की गई है.बाजार इलाके में कई हाइड्रेंट का अतिक्रमण किया गया है जिसे स्थानीय निकाय की मदद से हटाया जाएगा. – शेलेन्द्र कुमार, अग्निशमन पदाधिकारी

