
उदित वाणी, रांची: कुख्यात अमन साहू के एनकाउंटर के बाद उसकी गैंग की कमान अमन के गुर्गे मयंक सिंह और राहुल सिंह ने संभाली. मयंक ने स्वयं फेसबुक पर पोस्ट डालकर सनसनी फैला दी है. उसने यह भी दावा किया कि उसके बॉस अमन को फर्जी मुठभेड़ में मारा गया है और अब गैंग वह राहुल के साथ मिलकर चलायेगा. वहीं पुलिस के अनुसार मयंक सिंह की गिरफ्तारी अजर बैजान में हो चुकी है. लेकिन वह फेसबुक पर सक्रिय है और लगातार पोस्ट डाल रहा है. झारखंड पुलिस के अनुसार मयंक सिंह का दूसरा नाम सुनील कुमार मीणा है. जो राजस्थान के अनूपगढ़ जिले के मंडी थाना क्षेत्र के घड़साना का रहने वाला है. वहीं अजर बैजान में हिरासत में लिए जाने संबंधित खबर प्रकाशित होने के दूसरे ही दिन मयंक सिंह ने फेसबुक पोस्ट पर उक्त खबर का खंडन भी किया था.
उसने इंटरनेट मीडिया पर एक बयान जारी कर बताया था कि अजर बैजान में पकड़ा गया सुनील मीणा उसका दोस्त है. 28 अक्टूबर 2024 की सुबह वीजा अवधि समाप्त होने के दो घंटा देर से नवीकरण होने के बाद वीजा जांच अधिकारी ने सुनील मीणा को हिरासत में लिया था. इसके बाद से वह अजर बैजान के डिटेंशन सेंटर में है. उसने यह भी बताया कि मीणा को ही मयंक समझा रहा है. जो गलत है. जबकि झारखंड एटीएस ने डेटा विश्लेषण के आधार पर दावा किया था कि मयंक सिंह राजस्थान के अनूपगढ़ जिले के मंडी थाना क्षेत्र के घड़साना का रहने वाला सुनील कुमार मीणा है.
वह मलेशिया में रहकर झारखंड के कारोबारियों को डरा-धमकाकर रंगदारी वसूलता है. उसकी फरारी को लेकर झारखंड एटीएस की टीम ने 27 अप्रैल को राजस्थान स्थित उसके घर पर राजस्थान पुलिस के साथ पहुंचकर ढोल-नगाड़े के साथ इश्तेहार चिपकाया था. सुनील मीणा के पकड़े जाने के बावजूद मयंक सिंह इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय है और लगातार फेसबुक पोस्ट कर रहा है.

