
उदित वाणी कांड्रा: सरायकेला-खरसावाँ जिला के अन्र्तगत गम्हरिया प्रखण्ड में दुग्धा पंचायत के बड़ा हरिहरपुर गाँव स्थित वन भुमि के जमीन पर लॉक डाउन के समय से बहारी गॉव के लोग खेत बना कर कब्जा करते आ रहे हैं। ग्रामिणों द्वारा मना करने पर ये लोग लाटी, डंडा, तीर-धनुष, टान्गी, तलवार का घौस दिखाकर मारने- पीटने का धमकी देते हैं कुछ लोग तो लोकडाउन के समय खेत बना चुके है और एक बार भी खेती नही किऐ है, और 40 साल से खेती करने का आरोप प्रत्यारोप लगाते है ये लोग श्रीरामपुर,रामजीवनपुर एवं बड़काटॉड के हैं।इसके पहले इन लोगो के उपर केश मुकदमा भी हुआ था। तब से इस जमीन पर प्रशासन द्वारा रोक लगा हुआ हैं हमारे बड़ा हरिहरपुर सीमांकन के अन्दर छोटा हरिहरपुर के कुछ लोग भी लॉकडाउन के समय से खेत बनाकर खेती करते आ रहे थे। हाल ही में 10 जुलाई को दोनो ग्रामिणों की एक बैठक हुई, जिसमें यह समझौता हुआ कि इस वर्ष हल जोता हुआ हैं गोबर भी खेत में गिर चुका हैं, कुछ लोग तोला भी डाल दिया हैं। इस लिये छोटा हरिहरपुर बालों ने वादा किया कि इस वर्ष 2024 तक खेती करने दिया जाए, अगला वर्ष 2025 से ये लोग खेती करना छोड़ देगें। दोनो ग्रामिणों के बीच सहमति बनी, और दोनो गामिणों के लोग समझौता पत्र पर हस्ताक्षर भी किये। पूर्व मुख्यमंत्री वर्तमान में जल संसाधन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंपई सोरेन को दुग्धा पंचायत के बडा़हरिहरपुर के माझी बाबा बैद्यनाथ मारंडी,मंगल मुमू, उमेश टुडू, निताई सरदार,काफी संख्याओं में महिला शामिल होकर मंत्री जी को ज्ञापन सौंपा, मंत्री जी ने आश्वासन दिया कि आपके आवेदन पर उचित कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया।

