उदित वाणी,जमशेदपुर : अपने साथ की गई छेड़खानी के मामले में सीतारामडेरा पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने से आहत होकर शुक्रवार को 17 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. इस मामले में मृतका की बहन के बयान पर बस्ती के ही प्रताप मुखी, रॉकी मुखी, विजय मुखी और बाबू मुखी समेत अन्य पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया गया था. इधर, शनिवार को शव को पोस्टमार्टम के बाद घर लाया गया जहां जेल में बंद मां को अपनी बेटी के अंतिम दर्शन के लिए लाया गया था. हालांकि थोड़ी देर बाद उसे वापस जेल ले जाया गया. इधर, गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्लैग रोड को जाम कर दिया. परिजनों की मांग है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए. सूचना पाकर सीतारामडेरा पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया.जेल से पेरोल पर आई मां ने बताया कि प्रताप मुखी उसकी दुकान पर आता था और बेटी के साथ छेड़खानी करता था. इसे लेकर 23 मई को थाने में शिकायत की थी पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. एसएसपी से भी शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. अंत में कोर्ट में मामला दर्ज करवाया. विरोध करने पर प्रताप का पूरा परिवार आकर मारपीट करता था. उसने बताया कि घर के बाहर एक स्कूटी में नशीला पदार्थ बरामद करने के आरोप में पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है. उसने क बेटी को इंसाफ मिलना चाहिए.
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छेड़खानी से आजिज आकर आत्महत्या करने वाली छात्रा की मां ने प्रताप मुखी को ठहराया जिम्मेदार, कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क को किया गया जाम
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