
– 2023 की थीम से पूरी दुनिया में चर्चा बटोरेगा जमशेदपुर
– 1932 में पहली बार आयोजित किया गया था कार्यक्रम
उदित वाणी, जमशेदपुर: शहर में संस्थापक दिवस को तीन मार्च को धूमधाम से मनाने की तैयारी अंतिम चरण में हैं. लाइटिंग का काम पूरा हो चुका है. हर इलाके जगमग हो चुके हैं. खास बात यह कि इस बार का थीम ग्रीन एनर्जी आधारित है. इसके जरिए जमशेदपुर पूरे विशेव का संदेश देगा और चर्चा भी बटोरेगा. जुबिली पार्क, पोस्टल पार्क व कंपनी परिसरों समेत कई अन्य स्थानों पर इसी थीम पर सजावट की गई है जिसे शहरवासी बड़े ही गौर से निहार रहे हैं.
कंपनी के प्रति प्रतिबद्धता बढ़ाने से हुई शुरुआत
टाटा स्टील (तब टिस्को) द्वारा पहली बार संस्थापक दिवस समारोह तीन मार्च 1932 को मनाया गया था. इसकी परिकल्पना सबसे पहले डीएम मदन ने की थी. शुरुआत से ही इस समारोह ने समग्र रूप से कंपनी के प्रति व्यापक वफादारी के साथ विभागीय उत्साह भरने के पैटर्न का अनुसरण किया. संस्थापक दिवस ने पूरे स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को उस दूरदर्शी की स्मृति के प्रति अपने सम्मान को व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया, जिनकी आस्था और निर्णय, ऊर्जा और दृढ़ता के स्थायी गवाहजमशेदपुर और इसकी परिधि में मौजूद वर्क्स और शहर हैं.
1939 में नहीं हो सका था कोई समारोह
यह दुखद लेकिन दिलचस्प है कि 1939 में जब पूरा देश हमारे संस्थापक की शताब्दी समारोह में उत्साहपूर्वक व्यस्त था, जमशेदपुर में तीन मार्च को श्रमिक संघ द्वारा पैदा की गई गड़बड़ी के कारण कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ था.
1957 में झांकियों ने बटोरी सुर्खियां
अगला महत्वपूर्ण वर्ष 1958 था, जो टाटा स्टील की स्वर्ण जयंती का वर्ष था. प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे. स्वर्ण जयंती समारोह 1 और 2 मार्च 1958 को आयोजित हुआ. प्रधानमंत्री नेहरू एक दिन पहले 2 तारीख को वापस लौट गए और संस्थापक दिवस देखने के लिए नहीं रुके. हमेशा की तरह 3 मार्च 1958 को संस्थापक दिवस समारोह में झांकियों का काफिला देखा गया, ये झांकियां श्रमिकों द्वारा कई दिनों के श्रम का परिणाम थीं. रंग बिरंगी, सरल और आकर्षक झांकियों ने सड़क पर कतार में खड़ी भीड़ से तालियाँ बटोरी.
1967 डायमंड जुबिली वर्ष था. संस्थापक दिवस समारोह हमेशा की तरह समय की कसौटी पर खरे उतरे.
1982 में मना कंपनी का प्लेटिनम जुबली समारोह
1982 में टाटा स्टील 75 साल की हो गई. संस्थापक दिवस समारोह प्लेटिनम जुबली समारोह के साथ मनाया गया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी मुख्य अतिथि थीं.
1989 से सबसे दुखद दिन से सामना
टाटा स्टील ने 1989 में जे.एन. टाटाकी 150वीं जयंती मनाई. इस साल के संस्थापक दिवस को अभी भी टाटा स्टील के इतिहास में सबसे दुखद दिन माना जाता है. आग लगने की एक घटना ने कई लोगों की जान ले ली.संस्थापक दिवस शुरू होने के बाद पहली बार, 1990 में संस्थापक दिवस समारोह नहीं मनाया गया.
2004 संस्थापक की मृत्यु और जेआरडी टाटा तथा नवल टाटा की जन्म शताब्दी थी. समारोह में सभी महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी गई.
2007 शताब्दी वर्ष था; इसी साल कोरस टाटा स्टील का हिस्सा बना था. श्री फिलिप वरिन और श्री जिम लेंग जैसे वरिष्ठ कोरस अधिकारी संस्थापक दिवस समारोह में शामिल हुए.

