
उदित वाणी, जमशेदपुर: नैक की पांच सदस्यीय टीम सोमवार को कोल्हन विश्वविद्यालय चाईबासा पहुंची. यहां टीम ने दिन भर विश्वविद्यालय की विभिन्न उपलब्धियों के बारे में विभागाध्यक्षों से जानकारी प्राप्त की.
वित्त विभाग से लेकर परीक्षा विभाग तक में नैक की टीम ने पांच साल में प्राप्त की गई उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त की. अबतक हुए विकास कार्य से लेकर ढांचागत विकास में हुए खर्च की जानकारी ली तो वहीं सभी विभागों में अबतक हुई शैक्षणिक उपलब्धियों को बारे में विभागाध्यक्षों को प्रेजेंटेशन देने को कहा.
नैक की टीम का निरीक्षण सुबह 9 बजे से ही शुरू हो गया था, जो शाम के करीब 7.30 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम होने तक चलता रहा. नैक की टीम को विवि के विद्यार्थियों की प्रतिभा दिखाने के लिए शाम को विश्वविद्यालय मुख्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें आदिवासी पारंपिरक नृत्य से लेकर विविध नृत्य प्रस्तुत किए गए.
इससे पहले निरीक्षण की शुरुआत कुलपति के प्रेजेंटेशन से हुई। सबसे पहले विवि के मुख्य गेट पर नैक टीम का भव्य स्वागत किया गया. नैक टीम को सर्वप्रथम प्रशासनिक भवन लाया गया.
एनसीसी की ओर से टीम के सदस्यों को सलामी भी दी गई. कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ गंगाधर पांडा ने सर्वप्रथम उनका स्वागत किया. इस दौरान कुलसचिव डॉ जयंत शेखर के अलावा सभी पदाधिकारी मौजूद थे.
नैक टीम में चेयरमैन के रूप में इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी रेवाड़ी के पूर्व कुलपति प्रो सुरेंद्र गखर, मेंबर को-ऑर्डिनेटर के रूप में बेंगलुरू यूनिवर्सिटी की पूर्व प्रोफेसर विमला एम तथा सदस्य के रूप में यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर के प्रो खुर्शीद अहमद बट, सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी की पूर्व डीन प्रो अनु पुनिया, गांधीग्राम रूरल इंस्टीच्यूट तमिलनाडु की प्रो केएस पुष्पा शामिल हैं.
सर्वप्रथम टीम प्रशासनिक भवन के कुलपति चेंबर पहुंची. वहां कुलपति पांडा ने पूरे कॉलेज व विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित व्यवस्था संबंधित प्रेजेंटेशन दिया. प्रेजेंटेशन के पश्चात दो भाग में टीम बंट गई.
टीम के सदस्य पहले दिन विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी भी गयी. वहां उन्होंने किताबों की उपलब्धता, स्टॉक आदि की जानकारी ली. इसके बाद विभिन्न विभागों और वहां के पुस्तकालयों का भी निरीक्षण किया. दोपहर में भोजनकाल के बाद टीम दो हिस्सों में बंट गयी. विभिन्न विभागों का निरीक्षण करने के पश्चात टीम के सदस्य फाइनांस सेक्शन, प्रतिकुलपति कार्यालय, कुलसचिव कार्यालय आदि में पहुंच कर वहां की स्थिति से अवगत हुए.
कम से कम 2.01 सीजीपी अंक लाने की कोशिश में केयू
कोल्हान विवि इस बार नैक से कम से कम 2.01 सीजीपीए अंक लाने के प्रयास में है. ऐसा इसलिए, क्योंकिझारखंड में अबतक जिन विश्वविद्यालयों की नैक ग्रेडिंग की गई है, उनमें कोल्हान विश्वविद्यालय सबसे निचले पायदान पर है.
कोल्हान विवि को सी ग्रेड मिला है और 1.6 सीजीपीए प्राप्त हुए हैं. जबकि रांची विश्वविद्यालय रांची को सबसे बेहतर ग्रेड नैक से मिले हैं. इसे बी प्लस-प्लस ग्रेड प्राप्त हुआ है. इसके अलावा विनोबा भावे यूनिवर्सिटी हजारीबाग को भी बी ग्रेड मिला है. विनोबा भावे विश्वविद्यालय को नैक में 2.77 सीजीपीए अंक प्राप्त हुए हैं.
इसके अलावा बाकी के विवि, मसलन नीलांबर पितांबर विवि, श्याम प्रसाद मुखर्जी विवि की नैक ग्रेडिंग नहीं कराई गई है. इस बार भी अगर विश्वविद्यालय को सात अलग-अलग बिंदुओं पर कम से कम 2.01 सीजीपीए अंक नहीं मिलते हैं तो विश्वविद्यालय को फिर से सी ग्रेड से ही संतुष्ट रहना पड़ेगा.
नैक की नियमावली के मुताबिक 1.51 से 2.00 सीजीपीए अंक पर सी ग्रेड प्राप्त होता है. जबकि 2.01 से 2.50 सीजीपीए पर बी और 2.51 से 2.75 सीजीपीए पर बी प्लस ग्रेड प्राप्त होता है.
2.76 से 3.00 सीजीपीए पर बी प्लस-प्लस ग्रेड मिलता है तो 3.01 से 3.25 सीजीपीए पर ए ग्रेड मिलता है. इसके अलावा 3.26 से 3.50 पर ए प्लस एवं 3.51 से 4-00 सीजीपीए पर ए प्लस-प्लस ग्रेड दिया जाता है. सो, कोल्हान विश्वविद्यालय सात बिंदुओं पर अपनी तैयारी पुख्ता कर रहा है. नैक की ग्रेडिंग में कोल्हान विश्वविद्यालय को पिछली बार महज 1.6 सीजीपीए अंक प्राप्त हुए थे.
मतलब यह कि नैक की मान्यता प्राप्त करने के लिए निर्धारित न्यूनतम अंक 1.5 सीजीपीए से महज 0.1 अंक अधिक. इससे कम अंक मिलते तो विवि की नैक की मान्यता ही नहीं मिल पाती.


