
उदित वाणी, जमशेदपुरः दो साल के अंतराल के बाद शुक्रवार 11 नवम्बर को रवीन्द्र भवन साकची में 36 वें जमशेदपुर पुस्तक मेला का शुभारंभ हुआ. मुख्य अतिथि पूर्वी सिंहभूम की डीसी श्रीमती विजया जाधव ने पुस्तक मेला का औपचारिक उदघाटन किया.
उन्होंने पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डाला और युवाओं को आह्वान किया कि वे इस मेले का लाभ उठाएं. कोल्हान यूनिवर्सिटी के वीसी गंगाधर पंडा ने कहा कि पुस्तकों के बगैर जिंदगी का कोई महत्व नहीं है. टैगोर सोसायटी के महासचिव आशीष चौधरी ने कहा कि पुस्तक मेला का मकसद नई पीढ़ी को पुस्तकों से जोड़ना है.
सोशल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की वजह से नई पीढ़ी का पुस्तकों के प्रति रूझान कम हुआ है. इस साल हमने सारे स्कूलों को केवल दो रूपए की इंट्री पास भेजा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चे इस मेला में आ सके. यही नहीं विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ पैरेन्ट्स को भी मेले में आने का आह्वान किया.
मेला में देश भर के 67 प्रकाशक
देश भर के 67 प्रकाशक इस साल मेला में हिस्सा ले रहे हैं. दो साल के अंतराल के बाद मेला का आयोजन हो रहा है. 11 से लेकर 20 नवम्बर के बीच चलने वाले इस मेला का शहरवासियों को बेसब्री से इंतजार रहता है.
इस साल भी हिन्दी और अंग्रेजी के अलावा बांग्ला, उर्दू, संथाली, हो और कुरमाली भाषा में पुस्तकें मिलेंगी. पुस्तक मेला में दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और पटना के प्रकाशक शिरकत कर रहे हैं.
टिकट दर में कोई बढ़ोतरी नहीं
इस साल भी पुस्तक मेला में प्रवेश के लिए पांच रूपए का इंट्री टिकट है. यह पिछले कई सालों से है. मेले की टाइमिंग सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे और शनिवार-रविवार को सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक होगी.


