
उदित वाणी, जमशेदपुर: आरटीआई दिवस के अवसर पर निर्मल गेस्ट हाउस बिदुपुर में एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता संघ के केंद्रीय अध्यक्ष दिल बहादुर की अधयक्षता में संपन्न हुई 18वा आरटीआई दिवस के स्थापना दिवस के अवसर पर केक काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया स्वागत भाषण उपाध्यक्ष पूर्वी घोष, प्रतिवेदन केन्द्रीय महासचिव कृतिवास मंडल और संचालन उपाध्यक्ष सदन कुमार ठाकुर ने किया. संघ के अध्यक्ष दिल बहादुर ने कहा कि वर्तमान समय में जन सूचना अधिकार अधिनियम चुनौती की दौर से गुजर रहा है. करीब ढाई लाख से ज्यादा मामले केंद्रीय सूचना आयोग और विभिन्न राज्य सूचना आयोग में निलंबित है. झारखंड में तो दस हजार से ज्यादा मामले राज्य सूचना आयोग में विचाराधीन है. पिछले 18 वर्षों में करीब 300 से ज्यादा आरटीआई कार्यकर्ताओं पर अत्याचार हुआ है तो 51 से ज्यादा आर टी आई कार्यकर्ताओं की हत्या कर दिया गया लेकिन वर्तमान सरकार आरटीआई कार्यकर्ताओं और सामान्य नागरिको की सुरक्षा कवच विस्सल ब्लोअर एक्ट को लागू नही कर रहे है. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद आरटीआई कार्यकर्ता अपने जुनून से पीछे नहीं हटेंगे. आर टी आई एक्ट हमारे लोकतंत्र को पारदर्शिता बनाने का सशक्त हथियार है और इसे जनआंदोलन के तहत जन जनतक पहुंचाना हमारा नैतिक और राष्ट्रिय दायित्व है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टतंत्र और भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी लडाई में एक क्रांति का नाम है जन सूचना अधिकार. समाजसेवी जवाहरलाल शर्मा ने कहा कि चुनौतियों का सामना करने से ही हमे एक नई सीख मिलती है सूचना मांगना एक चुनौती तो है लेकिन इससे घबराने कि जरूरत नहीं है हय सभी कार्यकर्ताओं को डटे रहने कि अवशयकता है. समाज सेवी जम्मी भास्कर ने भी आयोजन को ंबोधित किया और कार्यक्रम मे धन्यवाद ज्ञापन सुराय बास्के ने दिया. इस कार्यक्रम मे मुख्य रूप से मुस्ताक अहमद , संतोष करूवा ,दिनेश करमाकर, रिषेनदू केसरी,विमल दास,कमलेश पाडे,कमर सुल्ताना,मोहम्मद गुलाम, सत्येन्दर सिह मुन्ना मंडल ,राजकुमार दास, मनोरंजन नंदी एवं सैकड़ों आरटीआई कार्यकर्ता मौजूद थे.

