
डीबीएमएस में डिजाइनिंग में करिअर को लेकर सेमिनार का आयोजन
उदित वाणी, जमशेदपुर: साकची स्थित एकेडमी ऑफ फैशन एंड आर्ट्स (एएफए) द्वारा डीबीएमएस हाई स्कूल कदमा में डिजाइनिंग में करिअर को लेकर सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार में स्कूल की ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने भाग लिया.
सेमिनार के मुख्य वक्ता नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ डिजाइनिंग (एनआईडी) अहमदाबाद के पूर्व छात्र मोनोजित भौमिक और एएफए के निदेशक और नॉटिंघम विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने वाले निखिल सिंह थे.
दोनों वक्ताओं ने डिजाइन और वास्तुकला के फलते-फूलते करियर के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके ही दुनिया की बड़ी कंपनियों में नौकरी नहीं पाया जा सकता, बल्कि डिजाइनिंग के जरिए Google, ISRO, NASA जैसी शीर्ष कंपनियों में नौकरी पाया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि डिजाइनरों की जरूरत दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है. छात्रों को फैशन डिजाइन के अलावा उत्पाद, फिल्म और वीडियो, औद्योगिक डिजाइन से अवगत कराया गया.
बिना पीसीएम के आईआईटी में कर सकते हैं पढ़ाई
छात्रों को यह जानकर बहुत आश्चर्य हुआ कि वे पीसीएम के बिना भी आईआईटी बॉम्बे में प्रवेश कर सकते हैं, क्योंकि आईआईटी में डिजाइनिंग की भी पढ़ाई होती है.
अन्य शीर्ष संस्थानों में आर्किटेक्चर के लिए एनआईडी और निफ्ट, एसपीए जैसे श्रेष्ठ संस्थान हैं. वक्ताओं ने इन संस्थानों में दाखिला के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा की तैयारी और उसके पैटर्न के बारे में बताया.
निखिल सिंह ने कहा कि उनके संस्थान से पढ़ाई करने वाले सैकड़ों स्टूडेन्ट्स एनआईडी और निफ्ट जैसे संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं.
डिजाइन हर जगह है
मोनोजित भौमिक ने कहा कि डिजाइन भविष्य है, डिजाइन हर जगह है, मेटावर्स को हर क्षेत्र के डिजाइनरों की आवश्यकता होगी. एक नए करियर विकल्प के बारे में जानकर छात्र बहुत खुश हुए और उन्होंने डिजाइनिंग को लेकर सवाल किए.
एएफए का काम छात्रों को ज्ञान देना और उन्हें डिजाइन में करियर के बारे में जागरूक करना है क्योंकि डिजाइन हर जगह मौजूद है.

