उदित वाणी, जमशेदपुर : जिले के वरिष्ठ नागरिकों और वृद्धजनों की बेहतर देखभाल, पुनर्वास एवं समर्पित स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया. जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त (डीसी) श्री राजीव रंजन की गरिमामयी उपस्थिति में सिविल सर्जन कार्यालय एवं हेल्पिंग हैंड्स फाउंडेशन के बीच बेलाजुड़ी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) भवन के उपयोग को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. इस समझौते के तहत बेलाजुड़ी पीएचसी भवन के प्रथम तल पर जेरियाट्रिक (वृद्धजन) केयर सेंटर स्थापित एवं संचालित किया जाएगा.
भूतल पर पीएचसी और प्रथम तल पर चलेगा जेरियाट्रिक केयर सेंटर
हस्ताक्षरित समझौते की शर्तों के अनुसार, बेलाजुड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) भवन का भूतल (Ground Floor) पूर्व की भांति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में ही कार्य करता रहेगा, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधाएं मिलती रहेंगी. वहीं, इस सरकारी भवन के प्रथम तल (First Floor) का उपयोग हेल्पिंग हैंड्स फाउंडेशन द्वारा पूरी तरह से वृद्धजनों की विशेष देखभाल, पुनर्वास (Rehabilitation) एवं अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए समर्पित ‘जेरियाट्रिक केयर सेंटर’ के रूप में किया जाएगा. इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध सरकारी अवसंरचना (Government Infrastructure) का बेहतर उपयोग करते हुए जिले के वरिष्ठ नागरिकों को एक संगठित एवं समर्पित देखभाल केंद्र की सुविधा उपलब्ध कराना है.
गैर-वित्तीय समझौता: संस्था वहन करेगी संचालन का पूरा खर्च
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह पूरी तरह से एक गैर-वित्तीय (नॉन-फाइनेंशियल) समझौता है. इस जेरियाट्रिक केयर सेंटर के संचालन, रख-रखाव और सेवाओं से संबंधित होने वाले सभी प्रकार के व्यय का वहन हेल्पिंग हैंड्स फाउंडेशन संस्था द्वारा स्वयं किया जाएगा, इसमें सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा.
9 माह में शुरू करना होगा केंद्र, 3 वर्षों के लिए हुआ है करार
एमओयू के प्रावधानों के मुताबिक, हेल्पिंग हैंड्स फाउंडेशन को भवन हस्तांतरण की आधिकारिक तिथि से नौ माह के भीतर इस जेरियाट्रिक केयर सेंटर को पूर्ण रूप से संचालित करना अनिवार्य होगा. सिविल सर्जन कार्यालय और संस्था के बीच हुआ यह समझौता प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे निर्धारित समयावधि पूरी होने के बाद दोनों पक्षों की आपसी सहमति से आगे भी विस्तारित (जारी) किया जा सकेगा.


