उदित वाणी, हाजीपुर/वैशाली : वैशाली जिले की एक अदालत ने 35 साल पुराने एक बेहद चर्चित जानलेवा हमले के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. माननीय न्यायालय ने इस मामले में एक 85 साल के बुजुर्ग को दोषी करार देते हुए उसे तीन साल की सजा सुनाई है, वहीं चार अन्य अभियुक्तों को 10-10 साल की सश्रम कारावास की सजा और आर्थिक दंड की घोषणा की है. वैशाली के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने आज 2 जून को आरोपी 85 वर्षीय वृद्ध दीप राय (दीपा राय) को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाते हुए तीन साल की सजा सुनाई.
साल 1992 की घटना: पति-पत्नी पर हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग
यह पूरा मामला वैशाली जिले के जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र का है, जहाँ साल 1992 में एक दंपति पर फायरिंग और जानलेवा हमला करने का केस दर्ज हुआ था. इस संबंध में अपर लोक अभियोजक ख्वाजा हसन खान और लोक अभियोजक श्याम बाबू राय ने मीडिया को विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पीड़ित अदालत राय ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. घटना के वक्त पीड़ित अदालत राय अपनी पत्नी के साथ अपने दरवाजे पर बैठे थे, तभी अभियुक्तों द्वारा उनके घर के रास्ते में शीशे के टुकड़े बिछाए जा रहे थे. जब पीड़ित परिवार ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने हथियारों से लैस होकर उन पर हमला कर दिया और ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें पति-पत्नी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
सुनवाई के दौरान 4 आरोपियों की मौत, 5 को मिली सजा
पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश कर कोर्ट में चार्जशीट फाइल की थी. इस केस में कुल 09 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था. लंबे समय तक चले इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही 9 में से 4 अभियुक्तों की मौत हो गई, जबकि शेष 5 आरोपी बचे थे, जिनमें एक दीप राय (दीपा राय) भी शामिल थे. अदालत ने आज आर्म्स एक्ट के तहत इन सभी 5 लोगों को सजा का ऐलान किया है.
उम्र देखकर बुजुर्ग को राहत, अन्य 4 को 10 साल की सजा और जुर्माना
न्यायालय ने 85 वर्षीय बुजुर्ग दीपा राय की अत्यधिक उम्र को ध्यान में रखते हुए उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत 3 साल की सजा सुनाई है. वहीं, मामले के शेष 04 अभियुक्तों को कोर्ट ने 10-10 साल की सश्रम सजा और 25,000-25,000 रुपये के आर्थिक दण्ड (जुर्माना) से दंडित किया है.
सहारे के बल पर कोर्ट पहुंचे बुजुर्ग, देखने के लिए उमड़ी भीड़
35 साल पुराने इस मामले में फैसले के दिन वैशाली व्यवहार न्यायालय परिसर में लोगों की भारी भीड़ लगी रही. सजा की घोषणा के वक्त आरोपी 85 वर्षीय बुजुर्ग दीपा राय की शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह खुद चल सकें, इसलिए उनके परिजन उन्हें सहारा देकर न्यायालय में पेशी के लिए ले गए. कोर्ट परिसर में इस ऐतिहासिक फैसले और बुजुर्ग दोषी को देखने के लिए उत्सुक लोगों का हुजूम जुटा रहा.


