उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर में विभिन्न एसबीआई एटीएम में वर्षों से कार्यरत सुरक्षा कर्मियों ने शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे सुरक्षा गार्डों ने आरोप लगाया कि नई सुरक्षा एजेंसी द्वारा उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना और बिना वैध कारण के कार्य से हटा दिया गया है।
सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि वे पिछले 10 से 15 वर्षों से एसबीआई एटीएम में सुरक्षा गार्ड के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। पहले वे WWSO कंपनी के अधीन कार्यरत थे, लेकिन 1 मई 2026 से नई सुरक्षा एजेंसी CISS ने कार्यभार संभाल लिया। इसके बाद पुराने कर्मियों को हटाकर नए लोगों की बहाली शुरू कर दी गई।
प्रदर्शनकारी कर्मियों ने आरोप लगाया कि जब वे दोबारा ड्यूटी की मांग लेकर एजेंसी के पास पहुंचे तो CISS कंपनी से जुड़े स्थानीय समर्थक सोमनाथ सिंह द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज, मारपीट और घर से उठाने की धमकी दी गई। कर्मियों ने दावा किया कि उनके पास बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होगी।
सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि कोरोना महामारी जैसे कठिन दौर में भी उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी सेवाएं दीं, लेकिन अचानक नौकरी छिन जाने से उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई परिवारों के समक्ष भरण-पोषण की समस्या उत्पन्न हो गई है।
प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त से मांग की कि पुराने सुरक्षा कर्मियों को पुनः कार्य पर रखा जाए तथा धमकी और दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस आंदोलन को झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता कुणाल सारंगी और कांग्रेस नेता अजय सिंह ने समर्थन दिया है। नेताओं ने कहा कि यदि सुरक्षा कर्मियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बताया गया कि मामले को लेकर शनिवार को त्रिपक्षीय वार्ता होने की संभावना है।


