उदित वाणी गुमला: झारखंड के गुमला जिला मुख्यालय स्थित सिलम बाल संप्रेषण गृह (रिमांड होम) से शुक्रवार को तीन नाबालिग दीवार फांदकर फरार हो गए हैं. फरार हुए किशोरों में दो लोहरदगा जिले के रहने वाले हैं, जबकि एक गुमला के ही घाघरा थाना क्षेत्र का निवासी है.
जानकारी के मुताबिक, इनमें से दो नाबालिग दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध और एक चोरी के मामले में यहां निरुद्ध किए गए थे. घटना के बाद पूरे जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है. जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी सह बाल संप्रेषण गृह के इंचार्ज अमर कुमार ने मामले की जानकारी मिलते ही तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया.
उन्होंने बताया कि जिस तरीके से नाबालिगों ने ऊंची दीवार फांदी है, उससे उन्हें चोटें लगने की पूरी आशंका है. फिलहाल गुमला और आसपास के सभी थानों को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है और संदिग्ध ठिकानों पर सघन छापेमारी की जा रही है. इस बाल संप्रेषण गृह की सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय से सवालों के घेरे में रही है. यह कोई पहली घटना नहीं है जब यहां से नाबालिग चकमा देकर भागने में कामयाब हुए हों.
इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिसके बाद जांच टीमें गठित हुईं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की बात कही गई. लेकिन शुक्रवार को हुई इस घटना ने साफ कर दिया है कि जमीनी स्तर पर हालात में कोई बदलाव नहीं आया है. रिमांड होम से भागने वाले किशोर अक्सर दोबारा वारदातों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार नाबालिगों के परिजनों से भी संपर्क साधा जा रहा है और जल्द ही उन्हें दोबारा पकड़ लिया जाएगा. फिलहाल सुरक्षा में हुई इस चूक की आंतरिक जांच के भी आदेश दिए गए हैं.


