
उदित वाणी, रांची : झारखंड विधानसभा में आज भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्य के विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में खाली पड़े पदों का मुद्दा उठाते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा किया. उन्होंने कहा कि राज्य में 3.50 लाख से अधिक रिक्तियां हैं. लेकिन सरकार 30 हजार पदों पर नियुक्तियां कर अपनी पीठ थपथपा रही हैै. इस पर प्रभारी मंत्री दीपक बिरुवा ने जबाब देते हुए बताया कि जैसे-जैसे विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मिलती है.
सरकार द्वारा तुरंत जेपीएससी और जेएसएससी को नियुक्ति के लिए अधियाचना भेज दी जाती है. उन्होंने कहा कि नियुक्ति की प्रक्रिया निरंतर चल रही है. वहीं भाजपा विधायक सीपी सिंह ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बर्ष 2019 से सत्ता में होने के बावजूद सरकार अब तक नियुक्तियों के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं बना पाई और लगभग सभी विभाग आउटसोर्सिंग के भरोसे चल रहे हैं.
सरकार बहाली प्रक्रिया के लिए एक स्पष्ट समय सीमा तय करे. इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य में आउटसोर्सिंग व्यवस्था की शुरुआत पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई थी. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है.
भाजपा अमित कुमार यादव ने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, विधायकों समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ कार्य करने वाले बाह्य कोटा के निजी सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर, अनुसेवक, चालक और अन्य को-टर्मिनस कर्मियों को राज्य कर्मियों की तरह सुविधाएं मिलेंगी. इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि इन कर्मियों का बैंक खाता बैंक ऑफ इंडिया में होगा, तो उन्हें भी राज्य कर्मियों की तरह जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा और अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा.

