
उदित वाणी, जमशेदपुर: दलमा वन्यजीव आश्रयणी में तीन दिवसीय सेकेंड बर्ड फेस्टिवल का शुभारंभ किया गया. यह महोत्सव 9 मार्च से शुरू होकर 11 मार्च तक आयोजित किया जाएगा. वन विभाग की ओर से आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य दलमा क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पक्षी प्रजातियों के संरक्षण और उनकी पहचान को बढ़ावा देना है.
दुर्लभ और रंग-बिरंगे पक्षियों का है निवास
हाथियों के लिए विश्व प्रसिद्ध दलमा जंगल जैव विविधता के लिहाज से भी अत्यंत समृद्ध माना जाता है. यहां सैकड़ों प्रजातियों के दुर्लभ और रंग-बिरंगे पक्षी पाए जाते हैं. इसी प्राकृतिक संपदा को संरक्षित करने और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है.

देशभर से पहुंचे पक्षी विशेषज्ञ
इस महोत्सव में भाग लेने के लिए अब तक करीब 100 पक्षी प्रेमियों ने पंजीकरण कराया है. इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से पक्षी विशेषज्ञ और प्रकृति प्रेमी भी इसमें शामिल हो रहे हैं. यह आयोजन पक्षी प्रेमियों के लिए सीखने, अनुभव साझा करने और प्रकृति को करीब से समझने का एक महत्वपूर्ण मंच बन रहा है.
जैव विविधता संरक्षण को मिलेगी पहचान
इस अवसर पर पीसीएफ वाइल्डलाइफ राजीव रंजन सिंह ने कहा कि झारखंड में इस प्रकार का बर्ड फेस्टिवल पहली बार दलमा जंगल में आयोजित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस महोत्सव के माध्यम से पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के बारे में जानकारी मिलेगी और जैव विविधता संरक्षण को नई पहचान भी प्राप्त होगी.
वन विभाग का मानना है कि इस तरह के आयोजन से दलमा क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ लोगों में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी.
(Dalma Bird Festival Begins in Jharkhand, 100 Bird Lovers Join 3-Day Wildlife Event)
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