
उदित वाणी, जमशेदपुर : जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के आसनबनी निवासी 9वीं कक्षा के तीन छात्र शनिवार को परीक्षा देने के लिए घर से निकले थे, लेकिन रास्ते में उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस हादसे में तीनों छात्र घायल हो गए, जिनमें एक छात्र को सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य दो छात्रों के सिर में भी चोट लगी है जिससे वे लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचे.
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को दोपहर करीब एक बजे एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया. हालांकि, अस्पताल में इलाज की व्यवस्था को लेकर परिजनों ने नाराजगी जताई. परिजनों का आरोप है कि गंभीर रूप से घायल एक छात्र बेहोशी की हालत में था, इसके बावजूद उसे करीब दो घंटे तक स्ट्रेचर पर ही रखा गया और वार्ड में शिफ्ट नहीं किया गया. उनका कहना है कि यह अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है.
इधर, अस्पताल में अव्यवस्था की एक और तस्वीर सामने आई. पटमदा से आए एक अन्य मरीज को स्ट्रेचर के अभाव में काफी देर तक इमरजेंसी के बाहर इंतजार करना पड़ा. वार्ड ब्वॉय की कमी के कारण परिजनों को खुद बाहर से स्ट्रेचर लाकर मरीज को अंदर ले जाना पड़ा. इस घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था और संसाधनों की कमी को लेकर मरीजों के परिजन आक्रोशित और चिंतित दिखे.
दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को सैकड़ों ऐसे नाबालिग छात्रों को बाइक पर तीन या चार की संख्या में एक साथ बैठकर तेज रफ्तार में घर से परीक्षा केंद्र जाते देखा गया है जिस पर न तो स्थानीय पुलिस प्रशासन की नजर है और न ही अभिभावकों को ही किसी तरह की चिंता. जादूगोड़ा क्षेत्र में हुई घटना अभिभावकों के लिए एक सबक हो सकती है जहां हादसे के बाद एक छात्र जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है.

