उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन से नई ट्रेनों के संचालन की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. दक्षिण पूर्व रेलवे जोन सलाहकार समिति की बैठक में जानकारी दी गई कि टाटानगर से नई ट्रेनों का परिचालन हल्दीपोखर के पास प्रस्तावित कोचिंग टर्मिनल के निर्माण के बाद ही संभव हो सकेगा. रेलवे बोर्ड ने इसके लिए सर्वेक्षण की मंजूरी प्रदान कर दी है और प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है.
बैठक में सांसद द्वारा टाटानगर स्टेशन से विभिन्न नए मार्गों पर ट्रेनों के संचालन का प्रस्ताव रेलवे प्रबंधन के समक्ष रखा गया था. इस पर अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में टाटानगर स्टेशन पर लाइनों की उपलब्धता सीमित है, जिसके कारण नई ट्रेनों के संचालन में तकनीकी और परिचालन संबंधी कठिनाइयां आ रही हैं. ऐसे में हल्दीपोखर के निकट कोचिंग टर्मिनल का निर्माण रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगा.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार कोचिंग टर्मिनल बनने के बाद ट्रेनों के खाली रैक और कोचों के रखरखाव तथा पार्किंग की बेहतर व्यवस्था हो सकेगी. इससे टाटानगर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म और लाइनों पर दबाव कम होगा तथा भविष्य में नए रूटों पर ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा.
बैठक में रेलवे ने गोविंदपुर को ब्लॉक स्टेशन बनाने की घोषणा भी की. इसके अलावा हाता क्षेत्र में रेलवे का नया डिपार्चर यार्ड विकसित करने की योजना की जानकारी दी गई. इन परियोजनाओं के पूरा होने से रेल परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है.
गौरतलब है कि टाटानगर स्टेशन पूर्वी भारत के व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में शामिल है. यहां बढ़ती यात्री संख्या और ट्रेनों के दबाव को देखते हुए रेलवे आसपास के क्षेत्रों में नई लाइनें बिछाने तथा यार्ड विस्तार की दिशा में लगातार काम कर रहा है. रेलवे का मानना है कि इन आधारभूत संरचना परियोजनाओं के पूरा होने के बाद टाटानगर से देश के विभिन्न हिस्सों के लिए नई ट्रेनों का संचालन अधिक सुगमता से किया जा सकेगा.
इधर छोटानागपुर पैसेंजर एसोसिएशन द्वारा नई ट्रेनों की मांग उठाए जाने पर रेलवे ने स्पष्ट किया कि कोचिंग टर्मिनल परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे.


