
उदित वाणी, रांची: राज्य सरकार ने जमीन घोटाले के किंगपिन रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन को निलंबित कर दिया। छवि रंजन समाज कल्याण विभाग में निदेशक के पद पर थे और उन्हें सामाजिक सुरक्षा व राज्य निःशक्तता आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था.
शनिवार को कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा छवि रंजन को तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किये जाने की अधिसूचना जारी करते हुए कहा गया कि ईडी के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा उन्हें धन शोधन निरोधक अधिनियम [पीएमएलए] , 2002 की धारा-19 के तहत गिरफतार किये जाने के बाद उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है.
छवि रंजन को अखिल भारतीय सेवायें [अनुशासन एवं अपील] नियमावली-1969 के नियम-3 [3 ]के अंतर्गत निलंबित किया गया है तथा हिरासत से मुक्त होने के पश्चात निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्मिक विभाग होगा. इस दौरान उन्हें सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.
छवि की बढ़ी मुश्किलें, पीएमएलए कोर्ट ने 6 दिनों की ईडी रिमांड पर भेजा
वहीं छवि रंजन की मुश्किलें काफी बढ़ गई है. पीएमएलए कोर्ट द्वारा छवि रंजन को 6 दिनों की ईडी रिमांड पर भेजा. हालांकि ईडी द्वारा छवि रंजन की 10 दिनों की रिमांड मांगी गई थी.
परन्तु ईडी कोर्ट के बिशेष न्यायाधीश दिनेश राय द्वारा 6 दिनों की ही रिमांड की मंजूरी दी गई. यद्यपि छवि रंजन की शनिवार की रात होटवार जेल में ही कटेगी. ईडी द्वारा छवि रंजन को रविवार को सुबह 10.30 बजे पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी और 12 मई तक पूछताछ करेगी.
इस दौरान ईडी 8 मई को रांची के बड़े जमीन कारोबारी न्यूक्लियस माॅल के मालिक विष्णु अग्रवाल के साथ भी आमने सामने बैठाकर पूछताछ करेगी. ईडी के अनुसार जमीन फर्जीवाड़ा मामले में विष्णु अग्रवाल ने छवि रंजन को कई तरह से उपकृत किया है.
उन्होंने छवि को परिवार समेत लग्जरी गोवा ट्रिप करायी और सत्ता के बड़े बिचैलिया प्रेम प्रकाश के माध्यम से एक करोड़ रूपये घूस भी दिया. गोवा में छवि को परिवार समेत फाइव स्टार सुविधा दी गई थी. उन्हें गोवा के होटल ताज फोर्ट अगुआड़ा में ठहरने व खाने पीने की सुविधा मुहैया करायी गई थी.
इधर बताया गया कि ईडी द्वारा रिमांड अवधि में छवि रंजन से कई बिंदुओं पर विस्तार से पूछताछ की जायेगी. जमीन घोटाले में किन-किन लोगों की सलिप्तता रही है और किन राजनेताओं द्वारा उन्हें संरक्षण दिया गया.
ईडी इस संबंध में विस्तार से जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी. ज्ञात हो कि 4 मई को लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने छवि रंजन को गिरफ्तार कर लिया था. 5 मई को ईडी कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें होटवार जेल भेज दिया गया था तथा शनिवार को फिर उन्हें अदालत के समक्ष पेश किया गया था.
बाबूलाल ने मामले में सीएम से चुप्पी तोड़ने व जबाब देने को कहा
इधर भाजपा विधायक दल के नेता पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने आईएएस अधिकारी छवि रंजन की भूमिका को लेकर कहा कि उन्हें यह सुन कर हैरानी होती है कि प्रेम प्रकाश जैसे दलाल के लिये छवि रंजन बंधुआ मज़दूर की तरह काम करने वाले अफसर थे.
जबकि छवि रंजन अपने अधीन काम करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को ग़लत काम करने के लिये सत्ता संरक्षण के बल पर धौंस देकर आतंक क़ायम किया हुआ था. जो लोग छवि रंजन के मौखिक आदेश पर ग़लत करने से डरते थे या आनाकानी करते थे. उसे प्रताड़ित और तंग किया जाता था.
वहीं बाबूलाल ने कहा कि अधीनस्थ अफ़सरों, कर्मचारियों से ग़लत काम के लिये प्रेशर देने वाले छवि रंजन अकेले नहीं हैं. झारखंड को लूट कर खोखला बनाने वाले कुछ और बेईमान सीनियर अफ़सर हैं. इसके साथ ही मरांडी ने छवि रंजन की गिरफ्तारी प्रकरण में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी कुछ सवाल पूछा तथा मुख्यमंत्री से चुप्पी तोड़ने और जवाब देने को भी कहा.

