उदित वाणी, सरायकेला-खरसावां: कपाली ओपी (आउटपोस्ट) में एक आदिवासी युवती के साथ कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार किए जाने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के बाद से ही स्थानीय निवासियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
पूछताछ के दौरान अभद्र व्यवहार और मारपीट का आरोप
जानकारी के अनुसार, कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी की रहने वाली अल्पना माहली को पुलिस द्वारा कपाली ओपी बुलाया गया था। यह पूछताछ एक लापता युवती से जुड़े मामले के सिलसिले में की जा रही थी। पीड़िता और परिजनों का आरोप है कि थाने में पूछताछ के दौरान अल्पना के साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया गया और उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसे शारीरिक चोटें आई हैं।
सामाजिक संगठनों में आक्रोश, उच्चस्तरीय जांच की मांग
इस घटना को लेकर स्थानीय समाज और संगठनों में गहरी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस विभाग के भीतर लगाए गए यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह एक बेहद गंभीर और निंदनीय मामला है। इस कृत्य में शामिल जो भी जिम्मेदार लोग हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। कई सामाजिक संगठनों ने सामूहिक रूप से इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है।
परिजनों ने जिला प्रशासन और SSP से लगाई न्याय की गुहार
घटना से आहत पीड़िता के परिजनों ने सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। परिजनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कराई जाए ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं और पुलिस के प्रति नाराजगी का माहौल बना हुआ है।
पुलिस प्रशासन के आधिकारिक बयान का इंतजार
हालांकि, इस पूरे विवाद पर अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पूरी तरह पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति और सच्चाई क्या है, यह पुलिस की विस्तृत जांच पूरी होने और प्रशासनिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।


