उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील में नए ग्रेड समझौते को लेकर प्रबंधन और यूनियन के बीच लगातार नौटंकी जारी है. शुक्रवार को हुई वार्ता में भी यही सिलसिला देखने को मिला. यूनियन के टॉप थ्री पदाधिकारियों ने प्रबंधन के प्रस्ताव पर मीटिंग छोड़कर बीच में ही भाग खड़े हुए. करीब एक घंटे बाद वे वापस वार्ता टेबल पर आ बैठे. सूत्रों के अनुसार, ग्रेड की मियाद, मिनिमम गारंटीड बेनेफिट (MGB) और डियरनेस अलाउंस (DA) को लेकर जो चर्चा हो रही है, वह ज्यादातर दिखावे के लिए है. अंदरखाने
ग्रेड की मियाद 7 साल होगी
एमजीबी (मिनिमम गारंटीड बेनेफिट): लगभग 10 प्रतिशत रहने की उम्मीद (पिछले समझौते में यह 12 प्रतिशत था). पुराने ग्रेड कर्मचारियों को बेसिक + डीए के आधार पर 8,000 से 20,000 रुपये तक मासिक बढ़ोतरी मिल सकती है. नए ग्रेड (एनएस) कर्मचारियों के लिए वेतन में 30-35 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है (पिछली बार 20-25 प्रतिशत थी). बेसिक + डीए 30,000 से 50,000 रुपये वाले नए कर्मचारियों को 9,000 से 17,000 रुपये तक मासिक फायदा हो सकता है.
कुल मिलाकर पुराने कर्मचारियों को 20,000 रुपये तक और नए कर्मचारियों को 17,000 रुपये तक की मासिक बढ़ोतरी का अनुमान है. पुराने और नए ग्रेड के कर्मचारियों के वेतन वृद्धि में काफी हद तक समरूपता रखने की कोशिश की जा रही है. यूनियन और प्रबंधन के बीच यह सिलसिला कई महीनों से चल रहा है. कर्मचारी अब अंतिम समझौते का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन वार्ता के तरीके को लेकर उनमें काफी नाराजगी है.


