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	<title>Jharkhand Health Department Archives - Udit Vani</title>
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	<description>पत्रकारिता में विश्वसनीयता के चार दशक</description>
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	<title>Jharkhand Health Department Archives - Udit Vani</title>
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		<title>JHARKHAND : 108 एम्बुलेंस सेवा में लापरवाही बरतनेवाले दो चिकित्सक निलंबित</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-108-ambulance-service-negligence-two-doctors-suspended/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Jun 2026 18:21:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[108 Ambulance Service]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्य में संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा की निगरानी एवं संचालन में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में दो चिकित्सकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. प्राप्त जानकारी के अनुसार बुंडू अनुमंडलीय अस्पताल में पदस्थापित चिकित्सा पदाधिकारी डा अनुप तिर्की तथा सामुदायिक स्वास्थ्य [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span> </strong>स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्य में संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा की निगरानी एवं संचालन में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में दो चिकित्सकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. प्राप्त जानकारी के अनुसार बुंडू अनुमंडलीय अस्पताल में पदस्थापित चिकित्सा पदाधिकारी डा अनुप तिर्की तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लापुंग के चिकित्सा पदाधिकारी डा शिशिर कुमार विनायक को 108 एम्बुलेंस सेवा के प्रभावी संचालन, पर्यवेक्षण एवं निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी तथा इसके लिए दोनों अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी, ताकि राज्य की आपातकालीन चिकित्सा सेवा को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके.</p>
<p>परंतु स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि दोनों चिकित्सकों ने प्रतिनियुक्ति आदेश के अनुरूप समय पर योगदान नहीं दिया. साथ ही उन्हें सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में भी गंभीर उदासीनता और लापरवाही बरती गई. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि दोनों अधिकारियों द्वारा उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की गई तथा उनका आचरण सरकारी सेवक के अपेक्षित अनुशासन एवं कार्य संस्कृति के अनुरूप नहीं पाया गया.</p>
<p>निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय क्षेत्रीय उपनिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल रांची का कार्यालय निर्धारित किया गया है. इस अवधि में उन्हें झारखंड सेवा संहिता के प्रावधानों के अनुसार सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा. स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन की कार्रवाई के अतिरिक्त दोनों अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी संचालित की जाएगी.</p>
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		<item>
		<title>JHARKHAND: सदर अस्पताल में मौत के बाद बवाल: ऑक्सीजन और ICU नहीं मिलने से गई जान? परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का गंभीर आरोप</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/giridih-sadar-hospital-uproar-patient-sunil-kumar-dies-alleged-medical-negligence/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Jun 2026 06:34:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Giridih News]]></category>
		<category><![CDATA[Giridih Sadar Hospital.]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand Health Department]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, गिरिडीह : गिरिडीह सदर अस्पताल एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। शहर के न्यू बरगंडा निवासी सुनील कुमार की इलाज के दौरान मौत के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, गिरिडीह : </span></strong>गिरिडीह सदर अस्पताल एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। शहर के न्यू बरगंडा निवासी सुनील कुमार की इलाज के दौरान मौत के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर ऑक्सीजन और बेहतर उपचार मिलता तो सुनील की जान बच सकती थी।</p>
<p>परिजनों के अनुसार शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर सुनील कुमार को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती रही। आरोप है कि सांस लेने में तकलीफ बढ़ने के बावजूद उन्हें ऑक्सीजन नहीं दिया गया और ICU में बेड खाली होने के बावजूद वहां शिफ्ट नहीं किया गया।</p>
<p>मृतक के छोटे भाई पुनिल कुमार ने बताया कि जब मरीज की हालत नाजुक हो गई तो ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन डॉक्टर ने वार्ड में आने के बजाय मरीज को खुद उनके पास लाने की बात कही। इसी बीच सुनील कुमार ने दम तोड़ दिया।</p>
<p>मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जोरदार हंगामा किया। कुछ देर के लिए अस्पताल का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।</p>
<p>सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और शिकायत के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>अब बड़ा सवाल यह है कि यदि मरीज की हालत गंभीर थी तो समय पर ऑक्सीजन और ICU सुविधा क्यों नहीं उपलब्ध कराई गई? क्या यह महज लापरवाही थी या स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी विफलता? जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।</p>
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		<item>
		<title>JAMSHEDPUR: एमजीएम अस्पताल में घंटों बंद रहा सेंट्रलाइज्ड एसी, मरीजों में मचा हड़कंप</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/jamshedpur-mgm-hospital-centralized-ac-fails-due-to-water-crisis-icu-burn-ward-affected/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Jun 2026 08:56:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[jamshedpur]]></category>
		<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[AC Failure News]]></category>
		<category><![CDATA[ICU and Burn Ward]]></category>
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		<category><![CDATA[Patient Protest]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल में मंगलवार देर रात से सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम बंद रहने के कारण मरीजों, उनके परिजनों के साथ-साथ अस्पतालकर्मियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी और उमस के बीच आईसीयू, बर्न वार्ड समेत कई महत्वपूर्ण वार्डों की एयर कंडीशनिंग व्यवस्था ठप हो जाने से पूरे अस्पताल परिसर [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, जमशेदपुर</span></strong>: एमजीएम अस्पताल में मंगलवार देर रात से सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम बंद रहने के कारण मरीजों, उनके परिजनों के साथ-साथ अस्पतालकर्मियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी और उमस के बीच आईसीयू, बर्न वार्ड समेत कई महत्वपूर्ण वार्डों की एयर कंडीशनिंग व्यवस्था ठप हो जाने से पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।</p>
<p>स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बुधवार सुबह से ही अधिकारी और कर्मचारी पानी की व्यवस्था को लेकर लगातार संपर्क साधते नजर आए। अस्पताल में घंटों तक एसी बंद रहने से संवेदनशील वार्डों में भर्ती मरीजों की परेशानी और बढ़ गई।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, सबसे अधिक दिक्कत आईसीयू और बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों को हुई। चिकित्सकीय मानकों के अनुसार इन वार्डों में नियंत्रित तापमान बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होता है, क्योंकि यहां गंभीर अवस्था के मरीज भर्ती रहते हैं। विशेष रूप से बर्न वार्ड के मरीजों के लिए ठंडा एवं स्वच्छ वातावरण उपचार का अहम हिस्सा माना जाता है। इसके बावजूद लंबे समय तक एसी बंद रहने से मरीज बेहाल रहे।</p>
<p>अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल में एक बार फिर पानी की किल्लत उत्पन्न होने के कारण सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम प्रभावित हो गया, जिससे कई वार्डों की कूलिंग व्यवस्था ठप पड़ गई। रात से लेकर बुधवार दोपहर तक मरीजों और उनके परिजनों को गर्मी और उमस से जूझना पड़ा। कई परिजन हाथ से पंखा झलते दिखाई दिए।</p>
<p>परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उनका कहना था कि गंभीर मरीजों के वार्डों में भी ऐसी स्थिति उत्पन्न होना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करता है।</p>
<p>दोपहर करीब साढ़े 12 बजे नगर निगम का पानी का टैंकर पहुंचने के बाद स्थिति में सुधार शुरू हुआ और करीब एक बजे के बाद एसी व्यवस्था बहाल हो सकी। इसके बाद मरीजों और परिजनों ने राहत की सांस ली।</p>
<p>हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर एमजीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि अस्पताल में पानी संकट, उपकरणों की खराबी और अव्यवस्थाओं को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें सामने आती रही हैं। अब आईसीयू और बर्न वार्ड जैसे संवेदनशील विभागों में एसी बंद होने की घटना ने मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।</p>
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		<item>
		<title>RANCHI: 15 साल के क्रिकेट सितारे वैभव सूर्यवंशी को झारखंड का बड़ा सम्मान, स्वास्थ्य विभाग के बनेंगे ब्रांड एंबेसडर</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/cricketer-vaibhav-suryavanshi-appointed-jharkhand-health-department-brand-ambassador/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 May 2026 07:50:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[रांची]]></category>
		<category><![CDATA[Brand Ambassador Vaibhav Suryavanshi]]></category>
		<category><![CDATA[Health and Fitness Awareness]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand Government]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand Health Department]]></category>
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		<category><![CDATA[Vaibhav Suryavanshi]]></category>
		<category><![CDATA[Young Cricketer Vaibhav Suryavanshi]]></category>
		<category><![CDATA[Youth Icon Jharkhand.]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी रांची: महज 15 वर्ष की अल्पायु में अपनी असाधारण क्रिकेट प्रतिभा से देशभर में एक खास पहचान बना चुके युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को झारखंड सरकार एक बड़ा सम्मान देने जा रही है। राज्य सरकार ने खेल जगत में राज्य का नाम रोशन करने वाले इस युवा स्टार को स्वास्थ्य विभाग (Health Department) का [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #800080;"><strong>उदित वाणी <b data-path-to-node="6" data-index-in-node="0">रांची</b>:</strong></span> महज 15 वर्ष की अल्पायु में अपनी असाधारण क्रिकेट प्रतिभा से देशभर में एक खास पहचान बना चुके युवा खिलाड़ी <b data-path-to-node="6" data-index-in-node="111">वैभव सूर्यवंशी </b>को झारखंड सरकार एक बड़ा सम्मान देने जा रही है। राज्य सरकार ने खेल जगत में राज्य का नाम रोशन करने वाले इस युवा स्टार को स्वास्थ्य विभाग (Health Department) का ब्रांड एंबेसडर बनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।</p>
<h2 data-path-to-node="7"><span style="color: #800080;">युवाओं और बच्चों में स्वास्थ्य व फिटनेस के प्रति जगाएंगे अलख</span></h2>
<p data-path-to-node="8">झारखंड स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी की बढ़ती लोकप्रियता और युवा पीढ़ी के बीच उनकी मजबूत पहचान राज्य के स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों को एक नई दिशा दे सकती है। उनके ब्रांड एंबेसडर बनने से:</p>
<p data-path-to-node="9,0,0">बच्चों और युवाओं को बेहतर <b data-path-to-node="9,0,0" data-index-in-node="26">स्वास्थ्य </b> के प्रति प्रेरित किया जाएगा।</p>
<p data-path-to-node="9,1,0"><b data-path-to-node="9,1,0" data-index-in-node="0">स्वच्छता </b>और <b data-path-to-node="9,1,0" data-index-in-node="25">पोषण </b> से जुड़े अभियानों को गति मिलेगी।</p>
<p data-path-to-node="9,2,0">युवा पीढ़ी को <b data-path-to-node="9,2,0" data-index-in-node="14">फिटनेस </b> और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।</p>
<h2 data-path-to-node="11"><span style="color: #800080;">&#8220;वैभव की उपलब्धियां राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत&#8221;</span></h2>
<p data-path-to-node="12">सरकारी अधिकारियों के अनुसार, वैभव सूर्यवंशी द्वारा इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर हासिल की गई उपलब्धियां झारखंड के सभी युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत हैं। इस युवा क्रिकेटर को स्वास्थ्य विभाग का चेहरा (Brand Ambassador) बनाए जाने से सरकार के जनजागरूकता कार्यक्रमों को समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवाओं तक व्यापक और प्रभावी पहुंच मिलने की उम्मीद है।</p>
<h2 data-path-to-node="14"><span style="color: #800080;">राज्यभर में फैसले का स्वागत, जल्द होगी औपचारिक घोषणा</span></h2>
<p data-path-to-node="15">झारखंड सरकार के इस सराहनीय कदम का राज्यभर में दिल खोलकर स्वागत किया जा रहा है। खेल प्रेमियों, खेल संगठनों और युवाओं ने इसे झारखंड के उभरते और प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने वाला एक ऐतिहासिक कदम बताया है। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही इस संबंध में औपचारिक घोषणा (Official Announcement) करेगा और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा जारी कर सकता है।</p>
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		<item>
		<title>सरायकेला में स्वास्थ्य सेवाओं पर डीसी की बैठक: गम्हरिया, राजनगर और सरायकेला सीएचसी में कमियों पर मांगा स्पष्टीकरण</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/saraikela/seraikela-dc-nitish-kumar-singh-health-review-meeting-moic-awarded/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 May 2026 12:27:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[सरायकेला]]></category>
		<category><![CDATA[Amrit Ayushman Card]]></category>
		<category><![CDATA[DC Nitish Kumar Singh]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand Health Department]]></category>
		<category><![CDATA[Kharsawan News]]></category>
		<category><![CDATA[Kuchai MOIC Awarded]]></category>
		<category><![CDATA[Seraikela Health Review]]></category>
		<category><![CDATA[Seraikela News]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी  सरायकेला-खरसावां : नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार, सरायकेला में जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं एवं योजनाओं की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा आमजनों को गुणवत्तापूर्ण [...]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #800080;"><strong>उदित वाणी  सरायकेला-खरसावां </strong><b data-path-to-node="7" data-index-in-node="0">: </b></span>नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार, सरायकेला में जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं एवं योजनाओं की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा आमजनों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।</p>
<p>समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गम्हरिया एवं राजनगर में पूर्व में हुई जांच में पाई गई कमियों के अनुपालन की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध दवाओं का स्टॉक एवं एक्सपायरी का नियमित सत्यापन किया जाए। किसी भी परिस्थिति में एक्सपायर दवा अथवा स्वास्थ्य सामग्री पाए जाने पर संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>उपायुक्त के निर्देशानुसार दिनांक 26 मई 2026 को सीएचसी सरायकेला एवं पीएचसी मंगुड़ीह में जांच के क्रम में रजिस्टर संधारण, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं में अनियमितता पाए जाने पर एमओआईसी सरायकेला एवं चिकित्सा पदाधिकारी मंगुड़ीह से स्पष्टीकरण करते हुए विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया।</p>
<p>बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत व्यय एवं लाभुकों को प्रदत्त राशि की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने उप विकास आयुक्त को स्वास्थ्य विभाग के वित्तीय व्यय की गहन समीक्षा करने तथा विभिन्न योजनाओं के लाभुकों का रेंडम सत्यापन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुरूप ही दवाओं की खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि अनावश्यक भंडारण एवं दवाओं की एक्सपायरी की स्थिति उत्पन्न न हो।</p>
<p>बायोमैट्रिक उपस्थिति की समीक्षा के दौरान चिकित्सा पदाधिकारियों एवं कर्मियों की ऑनलाइन उपस्थिति कम पाए जाने पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बायोमैट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छता, वेटिंग एरिया एवं मरीज सुविधा व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।</p>
<p>उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध है, वहां मशीनें चालू अवस्था में रहनी चाहिए तथा आमजनों को उसका लाभ मिलना चाहिए। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र लाभुकों का अधिकाधिक आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश भी दिया गया।</p>
<p>इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु विशेष कार्ययोजना बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया गया। वहीं एनीमिया मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्य करने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा जागरूकता गतिविधियों को बढ़ाने का निर्देश दिया।</p>
<p>समीक्षा के दौरान वैसे चिकित्सक एवं चिकित्सा पदाधिकारी जिनका कंसल्टेशन निर्धारित लक्ष्य से अत्यंत कम अथवा शून्य पाया गया, उनसे स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया गया।</p>
<p>स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी संचालन, उत्कृष्ट कार्य निष्पादन एवं आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड निर्माण हेतु आयोजित विशेष शिविरों में बेहतर प्रदर्शन के लिए बैठक के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुचाई के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) डॉ. सुजीत कुमार मुर्मू को प्रथम पुरस्कार से उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह द्वारा सम्मानित किया गया। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईचागढ़ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) डॉ. हरेंद्र मुंडा को द्वितीय पुरस्कार से सिविल सर्जन डॉ. सरजू प्रसाद सिंह द्वारा सम्मानित किया गया। उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य पदाधिकारियों को इसी प्रकार जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु प्रेरित किया।</p>
<p>उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजनों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक संसाधन एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके बावजूद यदि कहीं भी लापरवाही अथवा अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>उन्होंने सभी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी, डीपीएम एवं बीपीएम को निर्धारित रोस्टर के अनुरूप कार्यस्थल पर नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा कार्यस्थल के समीप निवास करने का निर्देश दिया। बिना स्वीकृत अवकाश के कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।</p>
<p>उपायुक्त ने डीपीएम एवं बीसीएम को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने तथा सभी स्वास्थ्य कर्मियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवा जनहित से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवश्यक होने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई एवं प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी।</p>
<p>बैठक में उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा, सिविल सर्जन डॉ. सरजू प्रसाद सिंह, उपाधीक्षक सदर अस्पताल डॉ. नकुल चौधरी समेत सभी एमओआईसी, डीपीएम, डीएएम एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/saraikela/seraikela-dc-nitish-kumar-singh-health-review-meeting-moic-awarded/">सरायकेला में स्वास्थ्य सेवाओं पर डीसी की बैठक: गम्हरिया, राजनगर और सरायकेला सीएचसी में कमियों पर मांगा स्पष्टीकरण</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
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		<title>झारखण्ड में सर्पदंश अधिसूचित रोग घोषित: नेशनल स्नेकबाइट मैनेजमेंट प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने का निर्देश</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-declares-snakebite-notified-disease-nhm-guidelines-asv/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 May 2026 17:48:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[Anti Snake Venom Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand Health Department]]></category>
		<category><![CDATA[National Snakebite Management Protocol]]></category>
		<category><![CDATA[Shashi Prakash Jha NHM]]></category>
		<category><![CDATA[Snakebite Notified Disease]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : राज्य में बारिश और उमस भरी गर्मी शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश (साँप काटने) की घटनाओं में होने वाली अचानक वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), झारखण्ड के अभियान निदेशक ने सर्पदंश से होने वाली आकस्मिक घटनाओं के [...]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span> </strong>राज्य में बारिश और उमस भरी गर्मी शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश (साँप काटने) की घटनाओं में होने वाली अचानक वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), झारखण्ड के अभियान निदेशक ने सर्पदंश से होने वाली आकस्मिक घटनाओं के बचाव, रोकथाम तथा उपचार से सम्बंधित मार्गदर्शिका के अनुपालन का निर्देश दिया है. हाल ही में राज्य सरकार ने सर्पदंश के मामलों और इससे होने वाली मौतों को अधिसूचित रोग (Notified Disease) के रूप में अधिसूचित कर दिया है.</p>
<p>इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने राज्य के सभी सिविल सर्जनों को पत्र जारी कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निर्धारित &#8216;नेशनल स्नेकबाइट मैनेजमेंट प्रोटोकॉल&#8217; का हर स्तर पर कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">वर्ष 2030 तक मौतों को आधा करने का लक्ष्य</span></strong><br />
भारत सरकार के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) द्वारा शुरू की गई राष्ट्रीय कार्य योजना का लक्ष्य वर्ष 2030 तक सर्पदंश से होने वाली मौतों और विकलांगता को 50 प्रतिशत तक कम करना है. इसी के तहत झारखण्ड में वित्तीय वर्ष 2024-25 से ही &#8216;स्नेक बाइट प्रीवेंशन एंड कंट्रोल प्रोग्राम&#8217; (Snake Bite Prevention and Control Program) का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">झारखण्ड में तेजी से बढ़े सर्पदंश के आंकड़े; झाड़-फूंक बनी बड़ी चुनौती</span></strong><br />
IDSP-IHIP पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में सर्पदंश के मामलों में लगातार चिंताजनक इजाफा हुआ है. जहाँ वर्ष 2022 में महज़ 392 मामले आए थे, वहीं वर्ष 2023 में यह संख्या बढ़कर 1647 (15 मृत्यु), वर्ष 2024 में 2760 (22 मृत्यु), और वर्ष 2025 में 4078 मामलों के साथ 26 मौतों तक पहुँच गई. चालू वर्ष 2026 में भी अकेले अप्रैल महीने तक ही सर्पदंश के 561 मामले प्रतिवेदित किए जा चुके हैं.</p>
<p>स्वास्थ्य विभाग के गहन विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि सर्पदंश से होने वाली मौतों का सबसे मुख्य कारण अस्पताल पहुँचने और इलाज शुरू होने में होने वाली देरी के साथ-साथ समुदाय में जागरूकता की भारी कमी है. ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग साँप काटने पर झाड़-फूंक, नीम-हकीम, पारंपरिक ओझाओं और जादू-टोने के जाल में फंस जाते हैं, जो चिकित्सा विभाग के सामने मौतों के आंकड़ों को रोकने में सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">निजी क्लीनिक और कॉर्पोरेट अस्पतालों के लिए भी रिपोर्टिंग अनिवार्य</span></strong><br />
अब सर्पदंश के अधिसूचित रोग घोषित होने के बाद राज्य के भीतर काम करने वाले सभी चिकित्सा संस्थानों—चाहे वे सरकारी अस्पताल हों, निजी क्लिनिक हों, कॉर्पोरेट अस्पताल, रेलवे, आर्मी व आयुष के स्वास्थ्य केंद्र हों या फिर पैथोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल लैब्स हों—उन सभी के लिए सर्पदंश के प्रत्येक पुष्ट या संदिग्ध मामले की पाक्षिक (Fortnightly) रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है.</p>
<p>इन सभी चिकित्सा प्रदाताओं को हर महीने की 5वीं और 20वीं तारीख तक अपने जिले के सिविल सर्जन को विहित प्रपत्र में अनिवार्य रूप से रिपोर्ट भेजनी होगी. इसके बाद सिविल सर्जन हर महीने की 10 तारीख तक इस समेकित डेटा को राज्य सरकार के पास समर्पित करेंगे. इसके साथ ही इन सभी मामलों की प्रविष्टि IDSP-IHIP पोर्टल पर करना भी अनिवार्य होगा ताकि एक मजबूत निगरानी तंत्र विकसित किया जा सके और उसी के आधार पर अल्पकालिक व दीर्घकालिक स्वास्थ्य नीतियां बनाई जा सकें.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम रहेगा स्टॉक, स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग</span></strong><br />
इस आपदा से ससमय निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों, अनुमंडल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सभी मेडिकल कॉलेजों में एंटी स्नेक वेनम सीरम (Anti Snake Venom Serum) की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया है, क्योंकि इस जीवन रक्षक दवा को अत्यावश्यक दवा सूची में शामिल किया गया है.</p>
<p>यदि किसी दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्र में इसकी कमी होती है, तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से तुरंत दवा की खेप उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही इसकी वास्तविक स्थिति पर राज्य स्तर से नजर रखने के लिए &#8216;ई-औषधि&#8217; के DVDMS पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि को अनिवार्य किया गया है. इसके समानांतर, सभी चिकित्सा अधिकारियों और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों को सर्पदंश प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है और अस्पतालों में भारत सरकार द्वारा तैयार पोस्टरों का प्रदर्शन किया जा रहा है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">25% सांप ही विषैले, डर से रुक जाती है हृदय गति</span></strong><br />
आम जनमानस को जागरूक करने और उनके भीतर से मौत के डर को निकालने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जमीनी स्तर पर ए.एन.एम. (ANM), सहिया, एमपीडब्ल्यू (MPW), बीटीटी (BTT) और सहिया साथियों को जिम्मेदारी सौंपी है. ये कर्मी न सिर्फ लोगों को सही जानकारी देंगे बल्कि पीड़ित मरीज को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाने में मदद भी करेंगे.</p>
<p>विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि झारखण्ड में पाई जाने वाली साँपों की 250 से अधिक प्रजातियों में से महज़ 25 प्रतिशत ही विषैली होती हैं, और अधिकांश मौतें साँप के वास्तविक जहर से नहीं बल्कि अत्यधिक घबराहट के कारण हृदय गति रुक जाने (हार्ट अटैक) से होती हैं. खेतों में मिलने वाले रसेल वाइपर के काटने से जहाँ खून पतला होकर ब्लीडिंग शुरू होती है, वहीं सफेद छल्लों वाला करैत भी बेहद खतरनाक होता है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">जनहित में जारी आधिकारिक गाइडलाइन: सर्पदंश होने पर क्या करें और क्या न करें</span></strong><br />
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई आधिकारिक गाइडलाइन के अनुसार, प्राथमिक उपचार के दौरान इन विशेष बातों का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है:</p>
<p>चीरा न लगाएं: साँप काटने की जगह पर किसी भी स्थिति में ब्लेड या चाकू से काटना, चीरा लगाना, दबाना या मुँह से जहर चूसने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे संक्रमण और जहर दोनों तेजी से फैलते हैं.</p>
<p>हल्का बांधें: दंश वाले स्थान के ऊपर किसी रुमाल या रस्सी से बहुत कसकर नहीं, बल्कि हल्का बांधना चाहिए.</p>
<p>साफ पानी से धोएं: जहर के बाहरी असर को कम करने के लिए उस स्थान पर साफ पानी की तेज धारा मारनी चाहिए.</p>
<p>सांत्वना दें: मरीज का ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने के लिए उसे सांत्वना देकर शांत रखना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि बीपी जितना बढ़ेगा, शरीर में जहर उतनी ही तेजी से फैलेगा.</p>
<p>पैदल न चलाएं: यदि साँप ने हाथ पर काटा है, तो हाथ को मोड़कर फ्रैक्चर की तरह लटका देना चाहिए और पीड़ित व्यक्ति को कभी भी खड़ा नहीं होने देना चाहिए, पैदल नहीं चलाना चाहिए और न ही सोने देना चाहिए.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">मुफ्त इलाज और हेल्पलाइन नंबर</span></strong><br />
आपातकालीन स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुँचाने के लिए राज्य की निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा हेल्पलाइन नंबर 108 पर तुरंत कॉल किया जा सकता है. इसके अलावा स्वास्थ्य संबंधी किसी भी अन्य जानकारी या शिकायत के लिए 24&#215;7 टॉल-फ्री नंबर 104 और आयुष्मान भारत योजना की जानकारी हेतु 14555 पर संपर्क किया जा सकता है. अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने स्पष्ट किया है कि एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध है, इसलिए झाड़-फूंक में वक्त गंवाए बिना सीधे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाएं.</p>
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		<item>
		<title>रांची में बनेगा वर्ल्ड क्लास RIMS-2 अस्पताल: ₹4200 करोड़ की महापरियोजना के लिए ACS अजय कुमार सिंह और ADB टीम की हाई-लेवल मीटिंग</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/rims-2-ranchi-construction-project-adb-loan-ajay-kumar-singh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 May 2026 15:47:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[ADB Loan Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Ajay Kumar Singh ACS]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand Health Department]]></category>
		<category><![CDATA[Ranchi World Class Hospital]]></category>
		<category><![CDATA[RIMS 2 Ranchi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था (Jharkhand Health System) को आधुनिक, डिजिटल और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में सोमवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग (Health Department Jharkhand) के अपर मुख्य सचिव (ACS) अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में रिम्स-2 निर्माण परियोजना [...]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span> </strong>झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था (Jharkhand Health System) को आधुनिक, डिजिटल और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में सोमवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग (Health Department Jharkhand) के अपर मुख्य सचिव (ACS) अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में रिम्स-2 निर्माण परियोजना (RIMS-2 Construction Project Ranchi) को लेकर एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB Team) की टीम के साथ एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई.</p>
<p>एडीबी की टीम राज्य में प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना के लिए फैक्ट फाइंडिंग मिशन (Fact Finding Mission) पर रांची पहुंची है. बैठक के दौरान टीम ने परियोजना की वर्तमान स्थिति, निर्माण प्रक्रिया, योजना निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, सामाजिक एवं पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों, अस्पताल की क्षमता, भवन संरचना तथा भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत समीक्षा की.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">₹4200 करोड़ का बजट और ADB से ₹2600 करोड़ का लोन</span></strong><br />
इस महत्वाकांक्षी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (Super Speciality Hospital) परियोजना के वित्तीय ढांचे को लेकर बैठक में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं. रिम्स-2 के निर्माण पर कुल 4200 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जिसमें से एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) द्वारा लगभग 2600 करोड़ रुपये का लोन उपलब्ध कराया जाएगा.</p>
<p>एडीबी की टीम ने परियोजना की क्षमता, तकनीकी आवश्यकताओं तथा प्रशासनिक तैयारियों का आकलन कर कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए. जानकारी दी गई कि आने वाले छह महीनों में लोन प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताओं को अंतिम रूप दे दिया जाएगा.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 से शुरू होगा निर्माण कार्य</span></strong><br />
तय समय सीमा के अनुसार, लोन और प्रशासनिक कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद दिसंबर 2026 अथवा जनवरी 2027 से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है. अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की कोशिश है कि निर्माण कार्य दो वर्षों के भीतर (2028-2029 तक) पूरा कर लिया जाए, ताकि जल्द से जल्द राज्यवासियों को इसका लाभ मिल सके. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना के प्रत्येक चरण की मॉनिटरिंग गंभीरता से की जाए और कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहेंगे झारखंड के लोग: अजय कुमार सिंह</span></strong><br />
बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि रिम्स-2 (RIMS 2 Ranchi) को केवल एक अस्पताल के रूप में नहीं, बल्कि अत्याधुनिक चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा, रिसर्च और सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से युक्त एक समग्र स्वास्थ्य संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि झारखंड के लोगों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े और उन्हें अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों.</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि रिम्स-2 का निर्माण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जाएगा. अस्पताल का डिजाइन, इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडिकल सुविधाएं, तकनीकी व्यवस्था और कंसल्टेंसी पूरी तरह वर्ल्ड क्लास स्तर की होगी. साथ ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय सीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाएगा.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">सेल्फ सस्टेनिंग मॉडल (Self Sustaining Model) पर चलेगा अस्पताल</span></strong><br />
बैठक में अस्पताल को “सेल्फ सस्टेनिंग मॉडल” पर विकसित करने को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई. इस दौरान यह विचार किया गया कि अस्पताल की संचालन व्यवस्था ऐसी हो, जिससे भविष्य में संस्थान आर्थिक रूप से भी मजबूत बना रहे और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा सके.</p>
<p>इसके अलावा बैठक में मुख्य रूप से लोन रेडीनेस, कंसल्टेंट चयन की समयसीमा, ईएमई वर्कशॉप से प्राप्त प्रमुख सीख, फाइनेंशियल ड्यू डिलिजेंस, फंड फ्लो मैनेजमेंट, फाइनेंशियल सस्टेनेबिलिटी एनालिसिस, एनवायरमेंटल सेफगार्ड, स्टाफिंग पैटर्न, तकनीकी विशेषज्ञों एवं कंसल्टेंट्स की नियुक्ति सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया.</p>
<p>इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव ध्रुव प्रसाद, जेएसबीसीसीएल (JSBCCL) के अधिकारी, विभागीय पदाधिकारी तथा एडीबी के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे.</p>
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		<item>
		<title>झारखंड के अस्पतालों में हाई-टेक जांच: 15 जून तक लगेंगे फुली ऑटोमेटिक पैथोलॉजी मशीनें</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-hospitals-fully-automatic-pathology-machines-launch-june/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 17:00:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[Ajay Kumar Singh IAS]]></category>
		<category><![CDATA[Fully Automatic Pathology]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand Health Department]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand Medical News]]></category>
		<category><![CDATA[Meril Pathology Machine]]></category>
		<category><![CDATA[WhatsApp Lab Report]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : आज स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के कार्यालय कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में पैथोलॉजी जांच मशीन बनाने वाली Meril कंपनी ने अपनी नई तकनीक का प्रेजेंटेशन दिया. बैठक में अपर मुख्य सचिव के साथ अवर सचिव [...]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span> </strong>आज स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के कार्यालय कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में पैथोलॉजी जांच मशीन बनाने वाली Meril कंपनी ने अपनी नई तकनीक का प्रेजेंटेशन दिया. बैठक में अपर मुख्य सचिव के साथ अवर सचिव धीरंजन शर्मा, मेरिल कंपनी के पदाधिकारी और C-DAC के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">सेमी से फुली ऑटोमेटिक मशीनों का सफर</span></strong><br />
मेरिल कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में पहले से मौजूद सेमी ऑटोमेटिक मशीनों को हटाकर अब नई फुली ऑटोमेटिक पैथोलॉजिकल मशीनें लगाई जाएंगी. इन मशीनों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें एक साथ 50 सैंपलों की जांच की जा सकेगी. इसके अलावा, कंपनी इन मशीनों पर 10 वर्षों तक मेंटेनेंस सुविधा भी प्रदान करेगी.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">सीधे मोबाइल पर मिलेगी रिपोर्ट</span></strong><br />
इन नई मशीनों के जरिए ब्लड और यूरिन से संबंधित लगभग सभी तरह की पैथोलॉजिकल जांच संभव होगी. तकनीक को और सरल बनाते हुए, जांच रिपोर्ट सीधे मरीज के मोबाइल पर व्हाट्सएप (WhatsApp) के माध्यम से भेजी जाएगी. कंपनी न केवल मशीनें देगी, बल्कि कर्मचारियों को प्रशिक्षण, सॉफ्टवेयर संचालन और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी भी उठाएगी.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">लाइव डेमो और दो चरणों में स्थापना</span></strong><br />
बैठक के दौरान कंपनी ने एक लाइव डेमो के माध्यम से दिखाया कि मशीन किस तरह काम करती है और कैसे तत्काल रिपोर्ट तैयार होती है. अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि:</p>
<p>प्रथम चरण: राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में 15 जून 2026 तक मशीनें लगाई जाएं.</p>
<p>द्वितीय चरण: इसके बाद राज्य के सभी सीएचसी (CHC) एवं पीएचसी (PHC) स्तर तक इसका विस्तार किया जाएगा.</p>
<p>15 जून 2026 को इन मशीनों का औपचारिक लॉन्च किया जाएगा.</p>
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		<title>Jharkhand : रांची के RIMS में इलाज के लिए दाखिल कराए गए मनोरोगी ने फांसी लगाकर दी जान</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/rims-ranchi-psychiatry-department-patient-suicide-vivek-kumar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 May 2026 18:33:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand Health Department]]></category>
		<category><![CDATA[Ranchi Suicide Case]]></category>
		<category><![CDATA[RIMS Psychiatry Ward]]></category>
		<category><![CDATA[RIMS Ranchi News]]></category>
		<category><![CDATA[Vivek Kumar Suicide]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) परिसर से शुक्रवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां मनोरोग विभाग में इलाज के लिए भर्ती एक मरीज ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span> </strong>झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) परिसर से शुक्रवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां मनोरोग विभाग में इलाज के लिए भर्ती एक मरीज ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.</p>
<p>इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. मृतक की पहचान विवेक कुमार के रूप में की गई है. जानकारी के अनुसार, विवेक गंभीर रूप से नशे की लत का शिकार था और इसी समस्या से निजात पाने के लिए उसे रिम्स के मनोरोग विभाग में भर्ती कराया गया था.</p>
<p>शुक्रवार को जब वार्ड में अन्य गतिविधियों की तैयारी चल रही थी, तभी विवेक ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया और तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों व स्थानीय पुलिस को दी गई.</p>
<p>सूचना मिलते ही बरियातू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.</p>
<p>पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन मौत के सटीक कारणों और परिस्थितियों की गंभीरता से जांच की जा रही है.</p>
<p>इस दुखद घटना ने रिम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में भर्ती मरीजों की निगरानी और सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है. विशेष रूप से मनोरोग विभाग में, जहां मरीजों को विशेष देखभाल और निरंतर निगरानी की आवश्यकता होती है, वहां ऐसी घटना को लेकर प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं.</p>
<p>मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है. घटना को लेकर वार्ड में तैनात कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है.<br />
<strong>(आईएएनएस)</strong></p>
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		<title>सरायकेला-खरसावां: आयुष स्वास्थ्य शिविरों में 150 से अधिक लोगों की हुई जांच, मुफ्त दवाओं का वितरण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 May 2026 11:53:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[jamshedpur]]></category>
		<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Ayush Health Camp]]></category>
		<category><![CDATA[Ayush Medicine.]]></category>
		<category><![CDATA[DC Nitish Kumar Singh]]></category>
		<category><![CDATA[Free Health Checkup]]></category>
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		<category><![CDATA[Jharkhand Health Department]]></category>
		<category><![CDATA[Seraikela Kharsawan News]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, सरायकेला:  सरायकेला-खरसावां जिले में आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से ग्रामीणों और विद्यार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल तेज हो गई है. उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार और जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी के नेतृत्व में आज, 9 मई 2026 को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #800080;"><strong>उदित वाणी, सरायकेला:  </strong></span>सरायकेला-खरसावां जिले में आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से ग्रामीणों और विद्यार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल तेज हो गई है. उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार और जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी के नेतृत्व में आज, 9 मई 2026 को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए. इन शिविरों में 150 से अधिक लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">विभिन्न स्थानों पर आयोजित हुए शिविर</span></strong></p>
<p>जिले के ग्रामीण इलाकों और स्कूलों में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से आयुष विभाग ने अपनी पहुंच दर्ज कराई:</p>
<p>खूंटी पंचायत भवन: यहाँ आयोजित आयुष ग्रामीण स्वास्थ्य शिविर में 52 से अधिक ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. विशेषज्ञों द्वारा परामर्श के बाद मरीजों के बीच निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया.</p>
<p>गोरांकोचा: आयुष ग्राम स्वास्थ्य शिविर के तहत यहाँ 40 से अधिक मरीजों की जांच की गई. इस शिविर में पुरुष एवं महिला दोनों ही वर्गों के लाभुकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.</p>
<p>बांकाटी (गोविंदपुर): स्वास्थ्य विभाग की टीम उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बांकाटी भी पहुँची, जहाँ 45 से अधिक छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें आवश्यक दवाएं व स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दिए गए.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">आयुष पद्धति और जीवनशैली पर जोर</span></strong></p>
<p>इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य केवल उपचार तक सीमित नहीं था, बल्कि ग्रामीणों और विद्यार्थियों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता पैदा करना भी था. शिविर के दौरान लोगों को आयुष पद्धति (Ayush System) के महत्व के बारे में बताया गया और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">नियमित जांच और निःशुल्क परामर्श</span></strong></p>
<p>प्रशासन का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है. शिविरों में अनुभवी आयुष चिकित्सकों द्वारा नियमित स्वास्थ्य जांच के लाभ बताए गए और भविष्य में किसी भी बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया.</p>
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