
उदित वाणी, नई दिल्ली : भारत मंडपम में आयोजित 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (IITF 2025) में मंगलवार को झारखंड दिवस समारोह का भव्य आयोजन हुआ. मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार ने झारखंड पवेलियन का अवलोकन किया, भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. उन्होंने राज्य की समृद्ध परंपराओं और आदिवासी सांस्कृतिक विरासत की विशेष सराहना की.

उन्होंने पैवेलियन में लगे 32 स्टॉलों का निरीक्षण कर राज्य के कारीगरों और उद्यमियों के प्रयासों की सराहना की. मुख्य सचिव ने कहा, “सरकार का लक्ष्य झारखंड को एक सक्षम, समृद्ध और भविष्य-उन्मुख राज्य के रूप में स्थापित करना है. हम शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल, तकनीक और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रहे हैं.” राज्य की विविध संस्कृति, परंपरा और विकास मॉडल को एक साथ प्रस्तुत करते हुए मेले में झारखंड की मजबूत उपस्थिति रही.

नाट्यशाला थिएटर में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में छऊ, नागपुरी, पाइका, मुंडारी और उरांव नृत्य की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया. झारखंड के लोक कलाकारों की सांस्कृतिक विविधता ने मेहमानों को मंत्रमुग्ध किया. एम्फीथियेटर में पारंपरिक प्रस्तुतियों की रंगीन झलक देखने को मिली.
झारखंड पवेलियन के स्टॉलों में पैतकर, सोहराय पेंटिंग, झारक्राफ्ट, पलाश मार्ट, झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड जैसे संस्थागत स्टॉल खास आकर्षण रहे. राज्य के स्थानीय कारीगर और उद्यमी अपने हस्तनिर्मित उत्पादों और अनूठी कलाओं के साथ आगंतुकों को आकर्षित कर रहे हैं.

समारोह ने झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर, कारीगरों की रचनात्मकता और राज्य सरकार की विकासोन्मुख नीतियों को एक साथ प्रस्तुत कर IITF 2025 में प्रदेश की नई पहचान स्थापित की. इस अवसर पर उद्योग सचिव श्री अरवा राजकमल, उद्योग निदेशक श्री विशाल सागर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

