
# विधानसभा में सरकार ने माना दोमुहानी में जलसंसाधन विभाग की कोई योजना स्वीकृत नहीं
# बन्ना गुप्ता को आगे घेरने से लिए अब सरयू राय कर रहे उपायुक्त से सवाल पूछने की तैयारी
उदित वाणी, जमशेदपुर: खरकई और स्वर्णरेखा नदी के संगम स्थल सोनारी दोमुहानी में मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा सौंदर्यीकरण के लिए शुरू की गयीं योजनाओं पर पेंच फंस सकता है.
इन योजनाओं को लेकर लगातार सवाल उठाते आ रहे जमशेदपुर पूर्व के विधायक सरयू राय ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया. इस बार उन्होंने झारखंड विधानसभा में इस मामले में अपने द्वारा पूछे गए सवाल और उसपर सरकार के जवाब का हवाला देते हुए कहा कि सरकार भी मान रही है कि दोमुहानी में जलसंसाधन विभाग के द्वारा किसी भी प्रकार की योजना स्वीकृत नहीं हैं.
जहांतक कारवाई की बात है, सरकार के द्वारा जवाब दिया गया है कि इसपर मुख्य अभियंता, चांडिल से स्पष्टीकरण प्राप्त कर नियमानुकूल कारवाई की जाएगी.
इस मामले में सदन में चर्चा नहीं हो पायी
विधायक सरयू राय कहते हैं समयाभाव के कारण मेरे प्रश्न पर सदन में चर्चा नहीं हो पाई, परंतु सरकार ने अपने उत्तर में नदी के भीतर अनधिकृत कार्य करने वालों पर कारवाई करने का आश्वासन दे दिया.
मुख्य अभियंता चांडिल से स्पष्टीकरण मिलते ही कारवाई होगी. सरयू ने सवाल खड़ा किया कि एक फरवरी 2023 को विभाग ने मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मांगा तो प्रतिवेदन एक माह के बाद भी क्यों नहीं मिला? कारण कि अनधिकृत कार्य स्थानीय मंत्री द्वारा किया जा रहा है.
डीसी से भी पूछूंगा सवाल, प्रशासन ने क्या कारवाई की
विधायक सरयू राय ने कहा कि विधानसभा में सवाल पूछने के बाद अब वे उपायुक्त से पूछेंगे कि क्या जिला प्रशासन ने नदी के भीतर कार्य करने की कोई योजना स्वीकृत की है या नहीं? यदि नहीं किया है तो नदी में अनधिकृत कार्य करने से मंत्री बन्ना गुप्ता को रोकने के लिए क्या कदम उठाया? मंत्री की अनधिकृत, अवैध गतिविधि से सरकार को अवगत कराया या नही?
सारे नियम कायदे को मुंह चिढ़ा रहा दोमुहानी एटमोसफेयर रेस्टुरेंट
दोमुहानी में नगर निगम की ओर से सार्वजनिक शौचालय के ऊपर बना एटमोसफेयर रेस्टुरेंट सारे नियम कायदे को मुंह चिढ़ा रहा है. विधायक सरयू राय के द्वारा विधानसभा में जिन सवालों को उठाया गया उनमें से एक सवाल था कि किसी भी नदी के 15 मीटर किनारे के तट पर किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण हो सकता है या नहीं? इस पर सरकार द्वारा स्पष्ट जवाब दिया गया कि नहीं.
अब सवाल उठता है कि दोमुहानी में स्वर्णरेखा रिवर बेड पर बना एटमोसफेयर रेस्टुरेंट किस कायदे कानून के तहत खड़ा है? आखिर इस पर कारवाई क्यों नहीं हो रही है? गौरतलब है कि राजस्व में बढ़ोतरी के लिए जेएनएसी के द्वारा शौचालय के ऊपर रेस्टुरेंट बनाने को लीज कर दिया गया.
कहने को तो शौचालय की छत पर रेस्टुरेंट बनाने की अनुमति दी गई लेकिन हकीकत में सार्वजनिक शौचालय पूरी तरह गायब हो गया है.

