
उदित वाणी, जमशेदपुर: प्रोवि़डेंट फंड (पीएफ) को लेकर टिमकेन के सेवानिवृत कर्मचारियों की बैठक शनिवार को एग्रीको मैदान में हुई. बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया.
बैठक में बताया गया कि 2018 तक कंपनी के कर्मचारियों के पीएफ को कंपनी संचालित ट्रस्ट करती थी. लेकिन अप्रैल 2018 के बाद कर्मचारियों के पीएफ को भारत सरकार द्वारा संचालित ईपीएफओ द्वारा होने लगा. मगर अप्रैल 2018 से लेकर जुलाई 2022 तक जो कर्मचारी रिटायर हुए हैं, उन्हें अभी तक अप्रैल 2018 के पहले का पीएफ मिला है, उसके बाद का पीएफ अभी तक नहीं मिला है.
जो कर्मचारी अगस्त 2022 या उसके बाद रिटायर हुए हैं, उन्हें पीएफ का एक रूपया भी अभी तक नहीं मिला है. हाल ही में कंपनी से रिटायर यूनियन के पदाधिकारी रहे एलपी सिंह ने बताया कि टिमकेन में 30 से 33 साल तक सेवा देने वाले कर्मचारियों का 40 से 50 लाख तक पीएफ बकाया है.
कर्मचारियों ने कहा कि पांच साल हो गये, लेकिन अभी तक कर्मचारियों के पीएफ का भुगतान नहीं हो रहा है, जिससे रिटायर कर्मियों को अपना घर चलाने में काफी परेशानी हो रही है.

