
उदित वाणी जमशेदपुर : चक्रधरपुर रेल मंडल के चक्रधरपुर और टाटानगर स्टेशन के बीच छोटे स्टेशनों व आउटर पर ट्रेनों को बार-बार रोके जाने से कोचिंग ट्रेनों की समयबद्धता प्रभावित हो रही है। मंगलवार को इस स्थिति के कारण सात प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनें घंटों की देरी से टाटानगर पहुंचीं। लगातार हो रही देरी को लेकर यात्रियों ने सुबह से ही सोशल मीडिया पर शिकायतें दर्ज कराई और मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने को इसका मुख्य कारण बताया।
मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई-हावड़ा मेल करीब 8.5 घंटे की देरी से चली, जबकि मुंबई-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस लगभग 4.5 घंटे लेट रही। इसी तरह अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस 3.5 घंटे, कुर्ला एक्सप्रेस करीब 4 घंटे, बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस लगभग 7 घंटे और एर्नाकुलम-टाटानगर एक्सप्रेस करीब 4.5 घंटे देरी से टाटानगर पहुंची। इसके अलावा साउथ बिहार एक्सप्रेस भी करीब 50 मिनट लेट रही।
यात्रियों के अनुसार कई अन्य ट्रेनें भी झारसुगुड़ा और चांडिल रूट से होकर देरी से टाटानगर पहुंचीं। रेल जानकार बताते हैं कि गीतांजलि, कुर्ला और अहमदाबाद एक्सप्रेस पिछले कई महीनों से नियमित रूप से देरी से चल रही हैं। खासकर एर्नाकुलम एक्सप्रेस के लेट होने से बिहार के विभिन्न जिलों के साथ पश्चिम बंगाल के पुरुलिया और आसनसोल के यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यात्रियों ने रेल प्रशासन से ट्रेनों की समयबद्धता सुधारने की मांग की है।

