उदित वाणी, जमशेदपुर: 4 अप्रैल को लॉयला स्कूल में दो ऐतिहासिक आयोजनों ने पूरे परिसर को उमंग और उल्लास से भर दिया. पहला आयोजन फ्र. सेसिल लीमिंग वॉलीबॉल टूर्नामेंट था, जो स्कूल के प्रतिष्ठित संस्थापक प्राचार्य फ्र. सेसिल लीमिंग की स्मृति में आयोजित किया गया. यह प्रतियोगिता केवल जीतने का अवसर नहीं थी, बल्कि खेल भावना, अनुशासन और टीम वर्क का उत्सव थी.
इस महत्वपूर्ण अवसर के मुख्य अतिथि फ्र. चार्ल्स परेरा, एस.जे. थे, जो पूर्व में जमशेदपुर प्रांत के प्रांतीय और 1987 से 1993 तक लॉयला स्कूल के रेक्टर रह चुके हैं. अन्य विशिष्ट अतिथियों में फ्र. के.एम. जोसेफ, एस.जे. (रेक्टर, लॉयला स्कूल), फ्र. विनोद फर्नांडिस, एस.जे. (प्राचार्य, लॉयला स्कूल), जयांति शेषाद्री (वरिष्ठ वर्ग की उप-प्राचार्या), पूर्व छात्र संघ के सदस्य एवं 13 प्रतिभागी स्कूलों के प्रशिक्षक शामिल थे.
मुख्य अतिथि फ्र. चार्ल्स परेरा का स्वागत फ्र. विनोद फर्नांडिस, एस.जे. ने पौधा भेंट कर किया, जबकि फ्र. के.एम. जोसेफ, एस.जे. ने उन्हें शॉल पहनाकर सम्मानित किया. इसके पश्चात फ्र. चार्ल्स परेरा ने सभा को संबोधित किया और टूर्नामेंट का औपचारिक उद्घाटन किया.
टूर्नामेंट की शुरुआत खिलाड़ियों द्वारा खेल भावना और निष्पक्षता की शपथ लेने के साथ हुई, जिसका नेतृत्व लॉयला स्कूल की उभरती हुई एथलीट राज नंदिनी राणा ने किया.
लॉयला स्कूल में एनसीसी का भव्य शुभारंभ
इस ऐतिहासिक दिन का दूसरा महत्वपूर्ण आयोजन था एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) का शुभारंभ. वर्षों से एनसीसी ने युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति की भावना विकसित करने में अहम भूमिका निभाई है. यह शुभारंभ लॉयला स्कूल के गौरव में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जैसा था.
इस अवसर के मुख्य अतिथि थे भारतीय सेना के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विनय आहूजा. अन्य विशिष्ट अतिथियों में एडीएम कर्नल प्रेम चंद्र झा, सुबेदार मेजर रविन खंडाल और तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
कार्यक्रम की शुरुआत एनसीसी के आधिकारिक गीत से हुई, जिसने पूरे वातावरण को जोश और प्रेरणा से भर दिया. इसके बाद फ्र. विनोद फर्नांडिस, एस.जे. ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और फ्र. के.एम. जोसेफ, एस.जे. ने उन्हें सम्मानित किया. वरिष्ठ उप-प्राचार्या श्रीमती जयांति शेषाद्री ने कर्नल विनय आहूजा को स्मृति चिन्ह भेंट किया.
लॉयला स्कूल की छात्रा कृपा भाटिया ने एनसीसी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए, जिसके पश्चात जीसीआई रुचिता गौतम ने एक संक्षिप्त प्रस्तुति दी. तत्पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा एनसीसी की औपचारिक घोषणा की गई.
अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति का संदेश
अपने प्रेरणादायक संबोधन में कर्नल विनय आहूजा ने छात्रों को एनसीसी में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया और इसकी मूलभूत शिक्षाओं—अनुशासन, सेवा और नेतृत्व—के महत्व को समझाया. फ्र. प्राचार्य ने भी अपने विचार साझा करते हुए छात्रों को इस पहल का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी.
उदित वाणी टेलीग्राम पर भी उपलब्ध है। यहां क्लिक करके आप सब्सक्राइब कर सकते हैं।